वनडे विश्व कप 2027 के प्रारूप में हुआ बदलाव, अब इस नियम से खेला जाएगा टूर्नामेंट
क्या है खबर?
वनडे विश्व कप 2027 के प्रारूप को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बड़ा बदलाव किया है। अब 14 टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। सबसे निचली रैंकिंग वाली 3 टीमें पहले 'सुपर सीरीज' खेलेगी। इस चरण से एक टीम मुख्य ग्रुप में पहुंचेगी। 12 टीमों को 6-6 के 2 समूहों में बांटा जाएगा। शीर्ष 3-3 टीमें और दोनों ग्रुप की चौथी सर्वश्रेष्ठ टीम 'सुपर 7' के लिए क्वालीफाई करेगी। 'सुपर 7' से शीर्ष 4 टीमें सेमीफाइनल में जाएगी।
प्रारूप
पहली बार होगें सुपर-7 के मुकाबले
ICC ने एडिनबर्ग में सप्ताहांत में हुई अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद इस नए प्रारूप की घोषणा की है।
ICC ने कहा कि शुरुआती चरण के मुकाबलों को अधिक महत्वपूर्ण बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।
नए प्रारूप के तहत ग्रुप चरण के बाद पहली बार 'सुपर-7' चरण खेला जाएगा।
12 टीमों के बीच 30 ग्रुप मैच होंगे। वहीं, सुपर-7 में 21 मुकाबले खेले जाएंगे।
बदलाव
क्यों बदला गया प्रारूप?
ICC ने प्रारूप में बदलाव का फैसला टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से किया।
ICC की बैठक में इस बात पर चिंता जताई कि कई मुकाबले ऐसे हो सकते हैं, जिनका अंक तालिका पर कोई खास असर नहीं पड़े और इससे स्टेडियमों में दर्शकों की संख्या भी प्रभावित हो।
हालिया टी-20 विश्व कप के अनुभव को देखते हुए ICC ने टीमों की संख्या में बदलाव करने के बजाय शुरुआती चरण में ही नॉकआउट जैसा प्रारूप जोड़ने का निर्णय लिया।
प्रारूप
इस प्रारूप में खेला गया था 2023 का वनडे विश्व कप
2023 के वनडे विश्व कप में 10 टीमों ने हिस्सा लिया था। सभी टीमों ने एक दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेला था। ये राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला गया था।
हर टीम ने कुल 9 मैच खेले थे। अंक- तालिका में शीर्ष-4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंची थीं।
पहला सेमीफाइनल पहली और चौथी टीम के बीच हुआ था। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल दूसरी और तीसरी टीम के बीच हुआ था।
फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय क्रिकेट टीम को हराया था।
मुकाबले
ज्यादा मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में होंगे
दक्षिण अफ्रीका के 8 मैदानों में 2027 क्रिकेट विश्व कप के अधिकांश मुकाबले खेले जाने की संभावना है, जहां कम से कम 54 में से 41 मैच हो सकते हैं।
जिम्बाब्वे को 8 से 10 मैच मिलने की उम्मीद है, जबकि नामीबिया में 3 मुकाबले खेले जाएंगे। जिम्बाब्वे के पास अब 2 के बजाय 3 स्टेडियम होंगे, जिसमें विक्टोरिया फॉल्स भी शामिल है।
फाले मोसी-ओआ-तुनीया स्टेडियम इस साल पूरा होगा और अगले मई में आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा।