टेस्ट क्रिकेट: श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी करने वाली भारतीय जोड़ियां
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कई यादगार साझेदारियां निभाई हैं, जिन्होंने मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्य, तकनीक और आक्रामक अंदाज का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए श्रीलंका के खिलाफ कई बड़ी-बड़ी साझेदारी कर रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। ऐसे में आइए 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले इन ऐतिहासिक साझेदारियों पर एक नजर डाल लेते हैं।
#1
विराट कोहली और मुरली विजय (283 रन)
पहले स्थान पर विराट कोहली और मुरली विजय की जोड़ी है। दोनों ने साल 2017 में दिल्ली के मैदान पर तीसरे विकेट के लिए 283 रन जोड़ दिए थे।
विजय ने 267 गेंदों का सामना किया था और 155 रन बनाकर आउट हुए थे।
वहीं, कोहली ने 287 गेंदों का सामना कर 243 रन बना दिए थे।
भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी और 536/7 का स्कोर बनाने में सफल रही थी। वह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
#2
कपिल देव और मोहम्मद अजहरुद्दीन (272 रन)
दूसरे स्थान पर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव और मोहम्मद अजहरुद्दीन की जोड़ी है।
दोनों ने साल 1986 में कानपूर में खेले गए टेस्ट मैच में श्रीलंका के खिलाफ छठे विकेट के लिए 272 रन जोड़ दिए थे।
भारतीय टीम ने श्रीलंका के 420 रन के जवाब में 676/7 का स्कोर बनाया था।
अजहरुद्दीन ने 199 रन की पारी खेली थी तो वहीं, कपिल के बल्ले से 163 रन निकले थे। वह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
#3
सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली, तेंदुलकर और सुरेश रैना (256-256 रन)
तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से 2 जोड़ियां हैं। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने 1997 में वानखेड़े स्टेडियम में 256 रन जोड़े थे।
वहीं, तेंदुलकर और रैना ने 2010 में कोलंबो में इतने ही रनों की साझेदारी निभाई थी।
सचिन ने 1997 वाले मुकाबले में 148 रन की पारी खेली थी। वहीं, गांगुली के बल्ले से 148 रन निकले थे।
2010 वाले मुकाबले में तेंदुलकर ने 203 और रैना ने 120 रन बनाए थे। ये दोनों मैच ड्रॉ रहे।
#4
चेतेश्वर पुजारा और शिखर धवन (253 रन)
चौथे स्थान पर चेतेश्वर पुजारा और शिखर धवन की जोड़ी है।
दोनों ने साल 2017 में गाले टेस्ट के दौरान 253 रन की साझेदारी निभाई थी। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी और 600 रन बना दिए थे।
धवन ने 168 गेंदों का सामना कर 190 रन बनाए थे। वहीं, पुजारा के बल्ले से 265 गेंदों में 153 रन निकले थे।
उस मुकाबले को भारतीय टीम ने 304 रन से अपने नाम किया था।