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गौतम गंभीर बोले- मेरी टीम को विश्व कप जीतने में 17 साल नहीं 17 महीने लगे
गौतम गंभीर ने बड़ा बयान दिया है (फाइल तस्वीर)

गौतम गंभीर बोले- मेरी टीम को विश्व कप जीतने में 17 साल नहीं 17 महीने लगे

Sep 24, 2026
11:39 am

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हालिया टी-20 सीरीज में मिली हार के बाद खिलाड़ियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि कुछ खराब नतीजे 2 विश्व कप जीत चुकी टीम के लिए बड़ी बात नहीं हैं। 2026 टी-20 विश्व कप जीतने के बाद भारत को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार सीरीज में हार मिली। आयरलैंड के खिलाफ मिली हार 2023 में वेस्टइंडीज दौरे के बाद भारत की पहली टी-20 सीरीज हार थी।

बयान

हमे विश्व कप जीतने में 17 साल नहीं लगे- गंभीर 

गंभीर ने जियो हॉटस्टार से कहा, "इस खेल के इतिहास में ऐसी कौन सी टीम है, जो एक विश्व कप से अगले विश्व कप तक अजेय रही और फिर विश्व कप जीता? इन खिलाड़ियों को दूसरा विश्व कप जीतने में 17 साल नहीं लगे। उन्हें तीसरा टी-20 विश्व कप जीतने में सिर्फ 17 महीने लगे। अचानक एक खराब सीरीज या यहां-वहां तीन खराब मैच उन्हें खराब खिलाड़ी नहीं बनाते और न ही हमें खराब टीम बनाते हैं।"

जानकारी

भारत ने 17 साल के अंतराल के बाद जीता था दूसरा विश्व कप

भारत को 2024 में दूसरा टी-20 विश्व कप जीतने में 17 साल लगे। उसने 2007 में टी-20 विश्व कप का पहला संस्करण जीता था। इसके बाद रोहित शर्मा की कप्तानी और राहुल द्रविड़ की कोचिंग में टीम ने 2024 में दूसरा विश्व कप जीता था।

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कप्तान

श्रेयस अय्यर को लेकर क्या बोले गंभीर?

गंभीर ने कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर कहा, "श्रेयस के साथ मेरा पहला अनुभव तब हुआ जब मैं 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़ा। जाहिर तौर पर वह वहां कप्तानी कर रहे थे। उनकी जो बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई वह यह थी कि वह कई बार नंबर-4 पर अपनी जगह छोड़ने के लिए भी तैयार रहते थे। तभी मुझे एहसास हुआ कि एक अच्छे लीडर की सबसे पहली और सबसे अहम खूबी क्या होती है।"

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तारीफ

गंभीर ने की श्रेयस की जमकर तारीफ 

उन्होंने आगे कहा, "मैं कप्तानी की बात नहीं कर रहा हूं बल्कि यह देख रहा हूं कि आप कितने निस्वार्थ हैं और श्रेयस में यह खूबी है। एक कप्तान के तौर पर आगे के सफर में यह उनके लिए सबसे बड़ी खासियत हो सकती है। आप मेहनती, अनुशासित, फिट और दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज हो सकते हैं, लेकिन अगर निस्वार्थ नहीं हैं तो बाकी सारी चीजें बेकार हैं। श्रेयस में ये सभी खूबियां हैं और इसके साथ निस्वार्थता भी है।"

बल्लेबाज

वैभव सूर्यवंशी को लेकर ये बोले गंभीर 

गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा, "मुझे पता है कि यह मुश्किल है, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि मैं जानता हूं कि आप अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ आपको कभी-कभी अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। सोशल मीडिया या बाहर का शोर अंतिम-11 तय नहीं करता। इसका फैसला इस आधार पर होता है कि ड्रेसिंग रूम में कोच और कप्तान को कौन मैच जिताने में सक्षम लगता है।"

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