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गौतम गंभीर पहुंचे हाई कोर्ट, अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए याचिका दायर
गौतम गंभीर ने दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया (तस्वीर: एक्स/@ImTanujSingh)

गौतम गंभीर पहुंचे हाई कोर्ट, अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए याचिका दायर

Mar 19, 2026
03:03 pm

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर ने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) की रक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया में उनके डीपफेक और AI से बने भ्रामक कंटेंट बनाने वालों और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भारतीय कोच ने अपनी शिकायत में दावा किया कि उनकी पहचान का बार-बार और एक सोची-समझी योजना के तहत गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

हर्जाना 

गंभीर ने 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की 

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस सिविल केस में उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के साथ-साथ 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने और ऐसी सामग्री को तुरंत हटाने की मांग की गई है। गंभीर ने याचिका में कहा, 'मेरी पहचान, मेरा नाम, मेरा चेहरा, मेरी आवाज को कुछ अनजान अकाउंट्स ने गलत जानकारी फैलाने और मेरे नाम पर पैसे कमाने के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है।'

उदाहरण

दस्तावेजों में फर्जी उदाहरण का किया जिक्र

इस मुकदमे के दस्तावेजों में ऐसे कई उदाहरण दिए गए हैं, जिनमें फर्जी खबरें खूब चर्चा में रहीं। एक फर्जी वीडियो में दिखाया गया कि गंभीर अपने इस्तीफे की घोषणा कर रहे हैं, इस वीडियो को करीब 30 लाख लोगों ने देखा। वहीं, एक अन्य वीडियो में वरिष्ठ क्रिकेटरों पर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था, उसे 17 लाख से ज्यादा बार देखा गया था।

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मामला 

16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर की गई है याचिका

यह केस 16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर किया गया है, जिनमें सोशल मीडिया अकाउंट, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, और मेटा, एक्स और गूगल/यूट्यूब जैसे मध्यस्थ शामिल हैं। किसी भी अदालती आदेश को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी निकायों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस याचिका में कॉपीराइट अधिनियम 1957, ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999, और वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम 2015 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है,

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गावस्कर 

गंभीर से पहले सुनील गावस्कर भी कर चुके हैं व्यक्तित्व अधिकारों का उपयोग

आजकल सोशल मीडिया में कई नामी व्यक्तियों के नाम से फर्जी बयान और तमाम झूठी खबरें देखने को मिलती हैं। ऐसे ही भ्रामक खबरों से निपटने के लिए पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर भी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए हाई कोर्ट गए थे। इसके बाद कोर्ट ने मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम), एक्स (पूर्व में ट्विटर), गूगल और कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया था कि वे गावस्कर का नाम, फोटो और शख्सियत का गलत इस्तेमाल करने वाले कंटेंट को हटाएं।

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