इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने पाकिस्तान टीम की किंग चार्ल्स से मुलाकात का उड़ाया मजाक
क्या है खबर?
इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय क्रिकेट जगत में एक बड़ा मजाक बन चुकी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने शुरुआती 2 टेस्ट मैचों में मिली हार के बाद अपने 7 खिलाड़ियों और 2 कोचों को वापस पाकिस्तान भेज दिया है। PCB के इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों ने PCB के फैसले के साथ पाकिस्तान टीम की किंग चार्ल्स से मुलाकात का भी जमकर मजाक उड़ाया है।
बयान
यह खिलाड़ियों के लिए एक कलंक - टफनेल
PCB के इस कदम पर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर फिल टफनेल, डेविड लॉयड, माइकल वॉन और एलिस्टेयर कुक ने लोकप्रिय पॉडकास्ट 'स्टिक टू क्रिकेट' पर कड़े बयान दिए हैं।
टफनेल ने PCB के इस फैसले को बेहद घटिया और शर्मनाक बताते हुए कहा, "वास्तव में उन्हें बीच दौरे से घर भेज देना - मुझे लगता है कि यह भयानक है। यह खिलाड़ियों के लिए एक कलंक है। मेरा मतलब है, उन्हें अब फ्लाइट पकड़कर अपने देश वापस जाना होगा।"
तंज
इन्हें सिर्फ बेहद औसत क्रिकेट खेलने के लिए निकाला गया - वॉन
वॉन ने कहा, "बात यह है कि आमतौर पर आप देखते हैं कि एक या दो खिलाड़ी किसी शराब बार में कुछ गलत हरकत करने की वजह से दौरा छोड़कर जाते हैं, लेकिन इन खिलाड़ियों को तो केवल बिल्कुल साधारण और औसत दर्जे की क्रिकेट खेलने के लिए घर वापस भेज दिया गया है।"
वॉन के इस बयान ने पाकिस्तान टीम के औसत दर्जें के प्रदर्शन और PCB की उन पर की गई कार्रवाई पर सीधा हमला बोला है।
मजाक
किंग चार्ल्स से मुलाकात का उड़ा मजाक
कार्रवाई के बीच पाकिस्तान टीम की किंग चार्ल्स से मुलाकात का भी मजाक बनाया गया है।
एक पूर्व क्रिकेटर ने हंसते हुए कहा, "उन्हें किंग चार्ल्स से मिलने का मौका मिला था, है ना? वे सब लाइन लगाकर खड़े थे, जबकि उन्हें घर वापस भेजा जा रहा है। मैं शर्त लगा सकता हूं कि किंग चार्ल्स ने उनके पास जाकर कहा होगा कि क्या तुम वही हो जो घर वापस जा रहे हो? तुमने क्या गलत किया है?"
रणनीति
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की नई रणनीति
इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में खुद को क्लीन स्वीप से बचाने के लिए पाकिस्तान टीम ने बड़े बदलाव किए हैं।
टीम बुधवार से शुरू हुए तीसरे टेस्ट मैच में कई युवा खिलाड़ियों को डेब्यू कराने की तैयारी के साथ मैदान पर उतरी है।
हालांकि, यह साफ है कि केवल टीम में चेहरे बदलने से पाकिस्तान क्रिकेट का पूरा संकट दूर नहीं होगा। इसके लिए पूरे सिस्टम को बुनियादी तौर पर सुधारना होगा।