फीफा विश्व कप: 92 साल बाद पहली बार राउंड ऑफ-16 में पहुंचा मिस्र, ऑस्ट्रेलिया को हराया
क्या है खबर?
फीफा विश्व कप 2026 में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली है। 1934 विश्व कप के बाद यह पहला मौका है, जब मिस्र राउंड ऑफ-16 में पहुंचने में सफल रहा है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया का अभियान यहीं समाप्त हो गया। पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने 2 मौके गंवाए, जिसका खामियाजा टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ा। आइए मैच में बने प्रमुख रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं।
लेखा-जोखा
मैच का लेखा-जोखा
मैच में मिस्र ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। 13वें मिनट में इमाम आशूर ने गोल दागकर 1-0 की बढ़त दिला दी। ऑस्ट्रेलिया ने बराबरी हासिल करने के लिए कई प्रयास किए। दूसरे हाफ के 55वें मिनट में मोहम्मद हानी के ओन गोल की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इसके बाद निर्धारित समय और अतिरिक्त समय में दोनों टीमों में से कोई भी गोल नहीं कर सकी। पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने बाजी मार ली।
उपलब्धि
मिस्र ने नाम आया ये अनोखा रिकॉर्ड
मिस्र ने फीफा विश्व कप के इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने किया। टीम ने 1934 के बाद पहली बार नॉकआउट चरण में गोल दागा। इस तरह मिस्र के 2 नॉकआउट गोलों के बीच 92 साल का अंतर रहा, जो विश्व कप इतिहास में सबसे लंबा अंतर है। इस सूची में दूसरे स्थान पर नॉर्वे है, जिसके नॉकआउट गोलों के बीच 88 साल (1938-2026) का अंतर रहा। स्विट्जरलैंड और अमेरिका के नाम 68-68 साल का अंतर दर्ज है।
ओन गोल
इस विश्व कप में ओन गोल का रिकॉर्ड बन गया
हानी के ओन गोल के साथ ही फीफा विश्व कप 2026 में एक बड़ा रिकॉर्ड बना। यह टूर्नामेंट अब एक ही संस्करण में सबसे ज्यादा ओन गोल (13) वाला विश्व कप बन गया है। इससे पहले 2018 विश्व कप में 12 ओन गोल हुए थे। इसके अलावा, हानी एक ही विश्व कप में 2 ओन गोल करने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बने हैं। ओन गोल के मामले में 1998 विश्व कप तीसरे स्थान पर है।
आंकड़े
मैच के आंकड़े
मैच में मिस्र ने गोल करने की 14 बार कोशिश की और 4 बार टारगेट पर शॉट लगाए। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने 15 बार कोशिश की और वह 3 बार टारगेट पर शॉट लगाने में सफल रही। इस मैच में मिस्र के पास 58 प्रतिशत समय बॉल का कब्जा रहा। ऑस्ट्रिया ने 83 प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ 518 पास पूरे किए। मिस्त्र ने 696 पास किए, जिसमें उनकी एक्यूरेसी 89 प्रतिशत की रही।