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फीफा विश्व कप: डीआर कांगो ने पुर्तगाल को ड्रॉ पर रोका, रोनाल्डो नहीं कर पाए गोल
रोनाल्डो मैच में गोल नहीं कर पाए (फाइल तस्वीर)

फीफा विश्व कप: डीआर कांगो ने पुर्तगाल को ड्रॉ पर रोका, रोनाल्डो नहीं कर पाए गोल

Jun 18, 2026
12:44 am

क्या है खबर?

फीफा विश्व कप 2026 में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 1974 के बाद विश्व कप में पहली बार खेल रही डोमिनिक रिपब्लिक कांगो (डीआर कांगो) ने पुर्तगाल फुटबॉल टीम के खिलाफ मुकाबला 1-1 से ड्रॉ करा दिया। वह विश्व कप के इतिहास में पहली बार एक अंक अपने नाम करने में सफल रही। मैच का पहला गोल जोआओ नेवेस ने 6वें मिनट में दागा। वहीं, डीआर कांगो के लिए योआन विसा ने 45+5वें मिनट में गोल किया।

गोल

पुर्तगाल ने की थी जोरदार शुरुआत 

पुर्तगाल ने शुरुआती दबाव का पूरा फायदा उठाते हुए मुकाबले के छठे मिनट बढ़त हासिल की। बाएं छोर से पेड्रो नेटो ने पेनल्टी बॉक्स में शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर जोआओ नेवेस ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ ऊंची छलांग लगाई। नेवेस का हेडर इतना सटीक था कि गेंद सीधे गोलपोस्ट के निचले दाएं कोने में जाकर समा गई। विपक्षी गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं था। पुर्तगाल के लिए इस मैच में क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल नहीं कर पाए।

पहला

डीआर कांगो ने विश्व कप में पहला गोल मारा 

डीआर कांगो ने फीफा विश्व कप इतिहास का अपना पहला गोल दागकर नया अध्याय लिखा। टीम के स्टार स्ट्राइकर योआन विसा ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। दाएं छोर से आए शानदार क्रॉस पर विसा ने ऊंची छलांग लगाते हुए शानदार हेडर के जरिए गेंद को जाल में पहुंचा दिया। इस गोल से डीआर कांगो ने मुकाबले में वापसी की और पहला हाफ समाप्त होने से ठीक पहले अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया।

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इतिहास

पुर्तगाल के खिलाड़ियों ने ये रिकॉर्ड बनाए

पुर्तगाल के युवा मिडफील्डर नेवेस 21 साल और 263 दिन की उम्र में विश्व कप में गोल करने वाले पुर्तगाल के तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे केवल रोनाल्डो (21 साल 132 दिन, 2006) और गोंकालो रामोस (21 वर्ष 169 दिन, 2022) हैं। वहीं, दिग्गज रोनाल्डो ने भी नया कीर्तिमान बनाया। 41 साल और 132 दिन की उम्र में वह विश्व कप मैच खेलने वाले इतिहास के सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए।

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जानकारी

पुर्तगाल के नाम आया ये खराब रिकॉर्ड

ऑप्टा जोसे के अनुसार पुर्तगाल की टीम पूरे मुकाबले में सिर्फ 7 शॉट ही लगा सकी, जिनमें से केवल एक निशाने पर रहा। यह 1966 के बाद विश्व कप इतिहास में पुर्तगाल का किसी एक मैच में सबसे खराब आक्रामक प्रदर्शन रहा।

मौके

रोनाल्डो ने 2 मौके गंवाए

रोनाल्डो के पास गोल करने के 2 सुनहरे मौके आए, लेकिन वह दोनों बार चूक गए। पहला मौका नजदीक से मिले वॉली शॉट का था, जो गोलपोस्ट के बाहर निकल गया। इसके बाद उनका दूसरा प्रयास डीआर कांगो के डिफेंडर ने शानदार तरीके से रोक दिया। पूरे मैच में गेंद पर पुर्तगाल का दबदबा रहा, लेकिन टीम विपक्षी डिफेंस को भेदने में नाकाम रही। अंतिम क्षणों में ब्रूनो फर्नांडिस ने भी बॉक्स के बाहर से मिला आसान मौका गंवा दिया।

अन्य

मैच के कुछ अन्य रिकॉर्ड्स 

पुर्तगाल पूरे मैच में केवल 7 शॉट ही लगा सकी, जो फीफा विश्व कप में उसका संयुक्त रूप से सबसे कम आंकड़ा है। इससे पहले 2002 में दक्षिण कोरिया के खिलाफ भी पुर्तगाल ने इतने ही शॉट लगाए थे। वहीं, रोनाल्डो बड़े टूर्नामेंटों में लगातार 10 मैचों से गोल नहीं कर सके हैं, ऐसा उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार हुआ है। मैच में रोनाल्डो ने 25 बार गेंद को छुआ और 21 में से 19 पास सफलतापूर्वक पूरे किए।

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