दलीप ट्रॉफी फाइनल: तिलक वर्मा ने बीच मैदान वैभव सूर्यवंशी पर की टिप्पणी, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में रविवार को मैदान पर दिलचस्प वाकया देखने को मिला। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने ईस्ट जोन के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ अनोखी स्लेजिंग रणनीति अपनाई। उस समय सूर्यवंशी 44 रन बनाकर अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। हालांकि, तिलक की रणनीति से उनका ध्यान भटक गया और फिर उसी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। यह मजेदार नोकझोंक स्टंप माइक में भी रिकॉर्ड हो गई है।
बयान
तिलक ने सूर्यवंशी से क्या कहा?
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में सूर्यवंशी ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का बखूबी सामना किया और आसानी से रन भी बनाए।
सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन (72) ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी।
उसी दौरान तिलक द्वारा सूर्यवंशी पर की गई टिप्पणी स्टम्प माइक में कैद हो गई।
रिकॉर्डिंग के अनुसार, तिलक ने कहा, "क्या यार ये उप-कप्तान?" इसके बाद सूर्यवंशी चामा वी मिलिंद की गेंद पर आउट हो गए।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
🔴POOR BEHAVIOUR BY TILAK VERMA AGAINST VAIBHAV SURYAVANSHI🤦
— Sam (@cricsam02) September 6, 2026
Tilak Varma has not done well as a captain in the first two hours of game in Duleep Trophy final.
- Vaibhav & Abhimanyu Easwaran exposed his captaincy.
- frustrated & lost Tilak Varma trying to break partnership by… pic.twitter.com/u8vDgfrFHA
माहौल
तिलक की टिप्पणी के बाद मैदान पर दिखा दोस्ताना माहौल
हालांकि, तिलक द्वारा की गई टिप्पणी ने किसी गंभीर विवाद को जन्म नहीं दिया। इसके बाद भी सूर्यवंशी और तिलक दोनों ही मैदान पर मुस्कुराते और हंसते हुए नजर आए।
दोनों खिलाड़ियों ने इस पल को बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, जिससे यह साफ हो गया कि यह सिर्फ खेल का एक दोस्ताना हिस्सा था।
हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रशंसक तिलक की 15 वर्षीय बल्लेबाज के खिलाफ इस रणनीति को गलत ठहराने लगे हैं।
करियर
कैसा रहा है सूर्यवंशी का प्रथम श्रेणी करियर?
सूर्यवंशी ने 37 गेंदों में 44 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था।
दलीप ट्रॉफी में डेब्य मैच में सूर्यवंशी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां वह 8 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, उनके अगले तीन स्कोर 92, 40 और 44 रहे हैं।
क्रिकइंफो के अनुसार, 92 रन की यह पारी सूर्यवंशी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दूसरा अर्धशतक था।
वह अब तक 11 मैचों की 16 पारियों में 25 के औसत से 391 रन बनाए हैं।