दलीप ट्रॉफी फाइनल: ईशान किशान के दोहरे शतक से ईस्ट जोन मजबूत, ऐसा रहा दूसरा दिन
क्या है खबर?
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम ने कप्तान ईशान किशन के रिकॉर्ड दोहरे शतक (270) की बदौलत अपनी पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है। हालांकि, दूसरे दिन के खेल खत्म होने से कुछ समय पहले ऑलआउट होने के कारण साउथ जोन की टीम को बल्लेबाजी के लिए नहीं उतारा गया। आइए दूसरे दिन के खेल पर नजर डालते हैं।
बल्लेबाजी
किशन ने जड़ा प्रथम श्रेणी करियर का दूसरा दोहरा शतक
कप्तान किशन ने पहले दिन के स्कोर 111 रन से पारी को आगे बढ़ाया।
उन्होंने उन्होंने 5वें विकेट के लिए कुमार कुशाग्र (101) के साथ 230 रन की दोहरी शतकीय साझेदारी और छठे विकेट के लिए अनुकूल रॉय के साथ 140 रन की साझेदारी निभाते हुए 270 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया।
यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का दूसरा ही दोहरा शतक रहा। वह 334 गेंदों में 30 चौके और 7 छक्कों से 270 रन बनाकर आउट हुए।
रिकॉर्ड
दलीप ट्रॉफी फाइनल में बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन इस पारी के बाद अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में बतौर कप्तान सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
इसी तरह वह इस ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक जड़ने वाले दूसरे कप्तान भी बने हैं।
उन्होंने इस मामले में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज अंशुमन गायकवाड़ को पछाड़ दिया है।
उन्होंने साल 1987 में दलीप ट्रॉफी फाइनल में वेस्ट जोन की ओर से बतौर कप्तान 216 रन की दोहरी शतकीय पारी खेली थी।
जानकारी
ईस्ट जोन के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास में ईस्ट जोन के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर है। सूची में पहले पायदान पर पूर्व बल्लेबाज अरुण लाल (287 बनाम वेस्ट जोन, 1986) और तीसरे नंबर पर सबा करीम (200* बनाम वेस्ट जोन, 1995) हैं।
उपलब्धि
दलीप ट्रॉफी फाइनल का दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन की यह पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास के फाइनल में दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है।
इस सूची में पूर्व बल्लेबाज रमन लांबा पहले पायदान पर हैं, जिन्होंने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन की पारी खेली थी।
सूची में यशस्वी जायसवाल (265 बनाम साउथ जोन, 2022) तीसरे और चेतेश्वर पुजारा (256* बनाम इंडिया रेड, 2016) चौथे पायदान पर हैं। किशन भी सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं।
उपलब्धि
दलीप ट्रॉफी इतिहास में 8वां सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
किशन की पारी दलीप ट्रॉफी इतिहास में अब 8वें सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रूप में दर्ज हो गई है।
सूची में लांबा (320 बनाम वेस्ट जोन, 1987) पहले, गगन खोड़ा (300* बनाम साउथ जोन, 2001) दूसरे, सुरेंद्र भावे (292 बनाम साउथ जोन, 1994) तीसरे, अरुण लाल (287 बनाम वेस्ट जोन, 1986) चौथे, संजय मांजरेकर (278 बनाम सेंट्रल जोन, 1987) 5वें, लालचंद राजपूत (275 बनाम सेंट्रल जोन, 1987) छठे और वीरेंद्र सहवाग (274 बनाम साउथ जोन, 1999) 7वें नंबर पर हैं।
बल्लेबाजी
कुशाग्र ने जड़ा छठा प्रथम श्रेणी शतक
ईस्ट जोन के लिए कुशाग्र ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतकीय पारी खेली।
यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का कुल छठा शतक रहा, जिसे उन्होंने 128 गेंदों में पूरा किया।
उन्होंने कप्तान किशन के साथ 287 गेंदों में 230 रन की दोहरी शतकीय साझेदारी निभाई। वह 132 गेंदों में 8 चौके और 5 छक्कों की मदद से 101 रन बनाकर आउट हुए।
उनके अब 36 प्रथम श्रेणी मैचों की 56 पारियों में 2,291 रन हो गए हैं।
गेंदबाजी
ऐसी रही साउथ जोन की गेंदबाजी
साउथ जोन की ओर से त्रिपुरण विजय सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 42 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 180 रन देते हुए 4 विकेट लिए।
चामा वी मिलिंद ने 21 ओवर में 88 रन देकर 2 और श्रेयस गोपाल ने 42 ओवर में 165 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।
शेख रसीद 13 ओवर में 46 रन देकर एक विकेट लेने में सफल रहे।
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज 25 ओवर में 140 रन देकर कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए।