जुरेल ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की, बोले- 15 साल का बच्चा सबकी धुनाई कर रहा
क्या है खबर?
राजस्थान रॉयल्स (RR) और भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अपने अनुभव के बारे में बात की है। 15 वर्षीय वैभव को RR ने 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शानदार प्रदर्शन के कारण वह चर्चा में रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने से पहले ही वैभव ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। जुरेल ने उनके साथ खेलने का अनुभव भी साझा किया।
इंटरव्यू
जुरेल ने कही ये बात
आकाश चोपड़ा के साथ इंटरव्यू में जुरेल ने वैभव की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, "वह सारी तारीफ का हकदार है। वह जो करता है उसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। 15 साल का बच्चा सबकी धुनाई कर रहा है। यह कमाल है।"
उन्होंने वैभव के साथ बल्लेबाजी के दबाव पर भी बात की। जुरेल ने कहा कि पावरप्ले में वैभव लगातार आक्रामक शॉट लगाता है जिसे देखकर लगता है कि हमें भी तेजी से रन बनाने चाहिए।
डेब्यू
इंग्लैंड में वैभव ने किया था डेब्यू
वैभव ने जुलाई में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा भारतीय बने थे।
उन्होंने अपनी पहली सीरीज में 14, 13 और 15 रन बनाए।
हालांकि, इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने।
वैभव ने अब तक 6 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 189.21 की शानदार स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं।
तुलना
वैभव को लेकर कोई जलन या तुलना नहीं- जुरेल
जुरेल ने आगे कहा कि वैभव को लेकर कोई जलन या तुलना नहीं है। उनके कौशल को समझ पाना मुश्किल है और उनकी बल्लेबाजी टीम के दूसरे बल्लेबाजों के लिए चीजें आसान बना देती है।
अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया सीरीज में वैभव को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया और संजू सैमसन को सलामी बल्लेबाज के तौर पर मौका दिया गया।
वैभव को 2026 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
कोच
वैभव को मौका ना मिलने को लेकर कोच गंभीर ने कही थी ये बात
भारतीय टीम को कोच गौत गंभीर ने हाल ही में वैभव को लेकर कहा था, ''यही भारतीय क्रिकेट की खासियत है। हम प्रतिस्पर्धा चाहते हैं और ड्रेसिंग रूम में भी ऐसी ही प्रतिभा चाहते हैं, लेकिन कई बार क्रिकेट इसी तरह चलता है। चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अपने मौके का इंतजार करना ही पड़ता है।''
जापान के खिलाफ टी-20 मुकाबले में भी वैभव नहीं खेले थे। सैमसन को ही मौका दिया गया था।