क्या दिल्ली प्रीमियर लीग में हुई थी मैच फिक्सिंग? DDCA का बयान आया सामने
क्या है खबर?
दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों को अपुष्ट और निराधार बताया है। तहलका में प्रकाशित खबर के बाद DDCA ने अपनी प्रतिक्रिया दी। संघ ने कहा कि उसने इस मामले में संबंधित अधिकारी से सलाह मांगी है। DDCA के मुताबिक, इस मामले में सक्षम प्राधिकारी यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी पत्र लिखा गया है। आइए पूरी खबर पर नजर डालते हैं।
बयान
DDCA ने क्या कहा?
DDCA ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और अब तक किसी प्राधिकारी ने इन्हें सही साबित नहीं किया है।
उसने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति, खिलाड़ी या फ्रेंचाइजी के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
DDCA के अनुसार वह इन आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहता हैं और जब तक सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी के खिलाफ कोई भी जांच नहीं होगी।
पत्र
DDCA ने अधिकारियों को लिखा है पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए DDCA ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। उसने सभी जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की है।
साथ ही, मामले की उचित और तय प्रक्रिया के तहत जांच करने का अनुरोध किया है।
DDCA ने स्पष्ट किया कि इस मामले को स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार देखा जाना चाहिए। उसने संबंधित अधिकारियों से उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की जांच करने और उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
रिपोर्ट
क्या है आरोप?
तहलका ने एक पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर का स्टिंग ऑपरेशन किया है।
उसने दावा किया कि वह DPL ही नहीं इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों से पहले प्लेइंग इलेवन की जानकारी उपलब्ध करा सकता है।
उसने यह भी दावा किया कि IPL 2025 में उसने सट्टेबाजों के साथ जानकारी साझा की थी।
उसने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी मैच फिक्स किया है। पूर्व क्रिकेटर ने जानकारी के बदले प्रति मैच 40 लाख रुपये लेने की बात कही है।
ईमानदारी
जांच में सहयोग करेगा DDCA
DDCA ने कहा कि क्रिकेट की ईमानदारी और निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उसने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारियों की ओर से की जाने वाली किसी भी जांच में वह पूरा सहयोग करेगा।
DDCA ने कहा कि यदि जांच के बाद किसी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो वह संबंधित अधिकारियों की जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जाएगी। साथ ही कार्रवाई तय नियमों और लागू कानून के अनुसार होगी।