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राष्ट्रमंडल खेल 2026: सोमन राणा ने शॉट पुट F-57 में जीता स्वर्ण, शुभम जुयाल को रजत
सोमन राणा ने जीता स्वर्ण पदक (तस्वीर: एक्स/@rajnathsingh)

राष्ट्रमंडल खेल 2026: सोमन राणा ने शॉट पुट F-57 में जीता स्वर्ण, शुभम जुयाल को रजत

Aug 01, 2026
06:22 pm

क्या है खबर?

ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शॉट पुट F-57 स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। फाइनल में सोमन राणा ने 13.40 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, भारत के ही शुभम जुयाल ने 13.27 मीटर की दूरी के साथ रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का कांस्य पदक कोलंबिया के सेड्रिक इड्रिस लेक ने जीता। आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।

राणा 

राणा ने दूसरे प्रयास में किया उम्दा प्रदर्शन 

पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे राणा ने पहले राउंड में 13.38 मीटर दूर गोला फेंका।

उन्होंने अपने दूसरे राउंड में 13.40 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।

तीसरे प्रयास में फाउल होने के बाद उन्होंने बाकी राउंड में 13.14 मीटर, 13.17 मीटर और 13.11 मीटर के थ्रो किए।

उनका यह विजयी थ्रो इस सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी था।

राणा के शुरुआती 2 प्रयास से ही उन्होंने पदक का दावा मजबूत कर लिया था।

जुयाल 

ऐसा रहा जुयाल का प्रदर्शन 

जुयाल ने 13.08 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और दूसरे राउंड में 12.42 मीटर का थ्रो किया।

तीसरे राउंड में उन्होंने सुधार करते हुए 13.27 मीटर का थ्रो किया और अपने आखिरी प्रयास में 13.28 मीटर के सीजन के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ शानदार समापन करते हुए रजत पदक जीता।

कैमरून के सेड्रिक इड्रिस ने दूसरे राउंड में 12.57 मीटर के सीजन के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

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परिचय 

मुक्केबाज रह चुके हैं सोमन 

सोमन का जन्म 16 जनवरी, 1983 को बिहार में हुआ था। वह 2001 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे।

सेना में आने के बाद उन्होंने मुक्केबाजी शुरू की और यूनिट की टीम में शामिल हो गए थे।

वे मिडिलवेट श्रेणी में खेलते थे और 2005 के सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे थे।

उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह जैसे मुक्केबाजों के साथ प्रशिक्षण लिया था।

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शॉट पुट 

हादसे में पैर गंवाने के बाद बने पैरा एथलीट 

साल 2006 में जम्मू-कश्मीर में एक माइन ब्लास्ट में उनका दायां पैर चला गया था, जिसके बाद उनकी मुक्केबाजी की राह रुक गई थी।

इसके बाद उन्होंने कुछ समय सेना में प्रशासनिक कार्य किया। उन्होंने 2017 से बतौर पैरा खिलाड़ी करियर की फिर से शुरुआत की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उन्होंने 2022 एशियन पैरा गेम्स में रजत और 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे। वह पैरालंपिक खेलों में भी खेल चुके हैं।

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