राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत ने मुक्केबाजी में जीता कुल 7वां स्वर्ण, अंकुश पंघाल ने दिलाया पदक
क्या है खबर?
ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शनिवार को मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल ने भी स्वर्ण पदक जीता है। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उन्होंने में इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। बता दें कि शिट्टू 2025 के विश्व बॉक्सिंग कप के चैंपियन थे, लेकिन अंकुश ने इस विश्व स्तरीय मुक्केबाज के सामने नियंत्रण के साथ मुकाबला अपने पक्ष में किया। यह भारत का मुक्केबाजी में कुल 7वां स्वर्ण है।
प्रदर्शन
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में अंकुश का प्रदर्शन
हरियाणा के अंकुश ने राउंड ऑफ-16 मैच में एंटीगुआ एंड बारबुडा के मुक्केबाज जालान जान को 5-0 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की।
उन्होंने क्वार्टरफाइनल में सेशेल्स के जेड मिकॉक को भी सर्वसम्मत फैसले से हराया।
इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के जोशुआ ओफोरी की चुनौती को पार करते हुए फाइनल में प्रवेश किया था।
फाइनल से पहले हुए तीनों मुकाबलों में अंकुश ने एक भी राउंड नहीं गंवाया और लगातार सर्वसम्मत जीत हासिल की।
ट्विटर पोस्ट
Twitter Post
Ankush Panghal owns the moment! 🥇✨
— Team India (@WeAreTeamIndia) August 1, 2026
He dominates the Men's 80kg final with a fearless display in the ring to claim the title. Another golden chapter for Indian boxing as we celebrate our seventh boxing gold! 🥊
Let's #Cheer4Bharat! 🇮🇳#WeAreTeamIndia | #TogetherWeDream pic.twitter.com/dcEK4W5R5K
परिचय
हिसार जिले से संबंध रखते हैं अंकुश
अंकुश पंघाल हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव भेरिया में अंकुश का जन्म साधारण से परिवार में हुआ।
साल 2017 में महज 11 साल की उम्र में उन्होंने मुक्केबाजी की शुरुआत की।
दैनिक भास्कर के मुताबिक, कोच प्रवीण सावंत की सलाह पर उनके पिता ने अंकुश को गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए भेजा।
2018 में पहली स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल में उन्हें हार मिली थी।