कोलंबो टेस्ट: भारतीय स्पिनरों ने फेंकी 10 नो-बॉल, कोच साईराज बहुतुले ने दिया बड़ा बयान
क्या है खबर?
श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाफ कोलंबो में जारी दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर अब तक 10 नो-बॉल फेंक चुके हैं। इस समस्या को लेकर स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने चिंता जताई है और बेहद चौंकाने वाला सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि अगर टेस्ट क्रिकेट में भी सीमित ओवरों की तरह फ्री-हिट का नियम लागू कर दिया जाए, तो गेंदबाज डर के कारण नो-बॉल फेंकना बंद कर देंगे। आइए उनका बयान जानते हैं।
रिकॉर्ड
भारतीय स्पिनरों ने फेंकी रिकॉर्ड नो-बॉल
भारतीय टीम के स्पिनर कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में अब तक कुल 10 नो-बॉल फेंक चुके हैं।
यह साल 2021 के बाद किसी भी टेस्ट मैच में स्पिनरों द्वारा फेंकी गई दूसरी सबसे ज्यादा नो-बॉल हैं।
इस मामले में वैश्विक रिकॉर्ड अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के नाम है, जिसके स्पिनरों ने 2023 में बांग्लादेश के खिलाफ 14 नो-बॉल फेंकी थीं।
इससे पहले भारत के स्पिनरों ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 14 नो-बॉल फेंकी थी।
जानकारी
सारांश ने फेंकी सर्वाधिक 6 नो-बॉल
कोलंबो टेस्ट में भारतीय स्पिनरों द्वारा फेंकी गई 10 नो-बॉल में से 6 अकेले सारांश जैन (2+4) ने फेंकी है। इसी तरह रविंद्र जडेजा ने 4 (पहली पारी में 3, दूसरी पारी में एक) फेंकी है। एक नो-बॉल तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने फेंकी है।
समाधान
कोच बहुतुले ने यह बताया नो-बॉल रोकने का समाधान
भारतीय स्पिन विभाग द्वारा लगातार की जा रही ओवरस्टेपिंग को रोकने के लिए बहुतुले ने नियम नियतकों के सामने अनोखा विचार रखा है।
उन्होंने चौथे दिन के खेल के बाद मजाकिया अंदाज में कहा, "मैं नियमों का रक्षक नहीं हूं, लेकिन अगर टेस्ट में फ्री-हिट आ जाए, तो निश्चित रूप से नो-बॉल की संख्या कम हो जाएगी। कोई भी टीम नहीं चाहेगी कि वह नो-बॉल फेंककर विपक्षी टीम को एक अतिरिक्त गेंद और अतिरिक्त रन मुफ्त में उपहार में दे।"
प्रयास
अभ्यास सत्र में अंपायर बनकर रखी जा रही है नजर- बहुतुले
बहुतुले ने बताया कि जब विकेट नहीं मिल रहे होते हैं और गेंदबाज अतिरिक्त प्रयास करने करता है, तब उसका टेक-ऑफ पॉइंट बदल जाता है और पैर क्रीज से बाहर निकल जाता है। इस गलती को सुधारने के लिए नेट प्रैक्टिस के दौरान वह खुद या अन्य सपोर्ट स्टाफ अंपायर की भूमिका निभाते हैं और हर गेंद की लैंडिंग पर कड़ी निगरानी रखते हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि जडेजा और सारांश जल्द ही इस तकनीकी खामी को दूर कर लेंगे।