भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय टीम में वापसी पर तोड़ी चुप्पी, कहा- अब यह मेरा लक्ष्य नहीं
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रदर्शन के आधार पर क्रिकेट विशेषज्ञ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को वनडे विश्व कप 2027 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चुनने की मांग उठा रहे हैं। पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपनी संभावित टीम में उन्हें जगह दी है। इस बीच खुद भुवनेश्वर ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि भारतीय टीम में वापसी करना अब उनका मुख्य लक्ष्य नहीं रहा है।
बयान
भुवनेश्वर ने क्या दिया बयान?
भुवनेश्वर ने RCB पॉडकास्ट में कहा, "मैं भारत के लिए खेल चुका हूं। अब वह मेरा एकमात्र लक्ष्य नहीं है। अगर मुझे एक और मौका मिलता है, तो यह बहुत अच्छा होगा, लेकिन मैं वहां खेल चुका हूं। मैं अभी जो कुछ भी कर रहा हूं, वह खेल के प्रति मेरे प्यार की वजह से है। मुझे पता है कि मुझे अनुशासित रहना होगा।"
उन्होंने कहा, "क्रिकेट के खेल में पीढ़ियों का बदलना और बदलाव आना एक सामान्य प्रक्रिया है।"
श्रेय
भुवनेश्वर ने आगे बढ़ने के लिए परिवार को दिया श्रेय
भुवनेश्वर ने कहा, "भारतीय टीम से बाहर होने के बाद अब मैं पूरी तरह से शांत हूं और इसका श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बात नहीं करते। हम कभी नहीं सोचते कि क्या मैं भारतीय टीम में वापस आऊंगा, मुझे क्यों नहीं चुना गया, या क्या गलत हुआ।"
उन्होंने कहा, "मैं अब घरेलू क्रिकेट खेलता हूं। मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मैं पर्याप्त क्रिकेट खेलूं ताकि मैं फॉर्म में बना रहूं।"
खुशी
मैं जहां हूं वहां खुश हूं - भुवनेश्वर
भुवनेश्वर ने कहा, "जब आप टीम के सदस्य होते हैं, तो हर कोई कहता है कि टीम सबसे पहले है, लेकिन जब आप टीम में नहीं होते हैं, तो स्वाभाविक रूप से आपको लगता है कि शायद मुझे अभी भी वहां होना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा हैं। मैं ऐसा अनुभव करने वाला पहला खिलाड़ी नहीं हूं और निश्चित रूप से आखिरी भी नहीं होऊंगा। वर्तमान में मैं जहां हूं वहां खुश हूं।"
प्रशंसा
भुवनेश्वर ने की IPL की प्रशंसा
भुवनेश्वर ने कहा, "IPL को बहुत श्रेय जाता है क्योंकि इसने कई प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों को उच्च स्तरीय क्रिकेट से परिचित कराया। आप उन्हें इस मंच पर लाते हैं और वे समय के साथ परिपक्व होते जाते हैं।"
उन्होंने कहा, "परंपरागत रूप से भारतीय पिचें स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल होती हैं और विदेशी परिस्थितियां तेज गेंदबाजी के लिए, लेकिन उस दौरान विराट कोहली और रवि शास्त्री की स्पष्ट सोच ने उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद की।"
तैयारी
भारतीय टीम विदेशी दौरों की कैसे करती थी तैयारी?
भुवनेश्वर ने कहा, "मुझे याद है कि हमारी कुछ महत्वपूर्ण विदेशी सीरीज आने वाली थीं। उन यात्राओं से पहले हमारे घरेलू टेस्ट मैच भी ऐसी पिचों पर खेले जाते थे जो तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती थीं, ताकि हमें तैयार किया जा सके।"
उन्होंने कहा, "इस तैयारी से कोहली और शास्त्री की दूरदर्शिता का पता चलता है। वे एक मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करते थे। ऐसे छोटे-छोटे फैसले बहुत मायने रखते हैं।"
करियर
कैसा रहा है भुवनेश्वर का करियर?
भुवनेश्वर ने आखिरी बार 2022 में भारत के लिए खेला था।
उन्होंने अब तक 21 टेस्ट मैचों में 26.09 की औसत से 63 विकेट, 121 वनडे मैचों में 35.11 की औसत से 141 विकेट और 87 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 23.10 की औसत से 90 विकेट चटकाए हैं।
इसी तरह वह IPL में अब तक 206 मैचों में 26.16 की औसत से 206 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।
उन्होंने RCB की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया है।