महिला टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन, जानिए शीर्ष पर कौन
क्या है खबर?
महिला टी-20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम और इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के बीच खेला जाएगा। इसमें ऑस्ट्रेलिया की निगाहें रिकॉर्ड 7वें खिताब पर होगी, जबकि इंग्लिश टीम दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाना चाहेगी। ऐसे में दोनों टीमों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है। आइए इस मुकाबले से पहले विश्व कप इतिहास के फाइनल में किए गए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शनों पर एक नजर डाल लेते हैं।
#1
मेगन शट - 4/18 बनाम बनाम, 2020
महिला टी-20 विश्व कप इतिहास के फाइनल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज मेगन शट के नाम है। उन्होंने विश्व कप 2020 में मेलबर्न में खेले गए फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ 3.1 ओवर में 18 रन खर्च करते हुए 4 विकेट हासिल किए थे। उनके इस प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने 185/4 के स्कोर का बचाव करने में सफल रही थी और 85 रन से जीत हासिल कर 5वां खिताब जीता था।
#2
कैथरीन साइवर-ब्रंट - 3/6 बनाम न्यूजीलैंड, 2009
सूची में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड की पूर्व ऑलराउंडर कैथरीन साइवर-ब्रंट हैं। उन्होंने विश्व कप 2009 में लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड टीम के खिलाफ 4 ओवर में 2 मेडन के साथ 6 रन खर्च करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए थे। इससे इंग्लिश टीम न्यूजीलैंड को 85 रन के स्कोर पर रोकने में सफल रही थी। उसके बाद इंग्लिश टीम ने 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और अपना पहला खिबाब जीता था।
#3
सारा कोयटे - 3/16 बनाम इंग्लैंड, 2014
सूची में दूसरे नंबर पर भी ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज सारा कोयटे हैं। उन्होंने विश्व कप 2014 में मीरपुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ 4 ओवर में 16 रन खर्च करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए थे। उनके इस प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड को 105/8 के स्कोर पर रोकने में सफल रही थी। उसके बाद कंगारू टीम ने 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और अपना लगातार तीसरा खिबाब जीता।
#4
एलिस पेरी - 3/18 बनाम न्यूजीलैंड, 2010
सूची में तीसरे नंबर पर भी ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर एलिस पेरी है। उन्होंने विश्व कप 2010 में बारबाडोस में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ 4 ओवर में 18 रन खर्च करते हुए 3 विकेट चटकाए थे। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने 106/8 के स्कोर का बचाव करने में सफल रही थी और कीवी टीम को 103 रन पर रोक दिया। इस तरह कंगारू टीम ने 3 रन से जीत दर्ज कर पहला खिताब जीता था।