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BCCI का बॉम्बे हाई कोर्ट में जवाब, कहा- OCI कार्डधारक घरेलू टूर्नामेंटों के लिए अपात्र
BCCI ने बॉम्बे हाई कोर्ट में OCI कार्डधारकों को घरेलू टूर्नामेंटों के लिए अपात्र बताया

BCCI का बॉम्बे हाई कोर्ट में जवाब, कहा- OCI कार्डधारक घरेलू टूर्नामेंटों के लिए अपात्र

Jul 18, 2026
12:05 pm

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया है कि प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) कार्डधारक घरेलू टूर्नामेंट में नहीं खेल सकते हैं। बोर्ड ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए भारतीय नागरिक ही पात्र हैं। यह स्पष्टीकरण OCI कार्ड धारक 12 युवा क्रिकेटरों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई में दिया गया। इसमें BCCI के 2023 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें OCI प्रतिभागियों के टूर्नामेंट में भाग लेने पर प्रतिबंधित लगाया था।

चुनौती

याचिकाकर्ताओं ने वित्तीय बोझ और विकास के अवसरों पर प्रकाश डाला

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि BCCI का निर्णय पात्रता मानदंडों में मनमाना परिवर्तन था, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है।

उन्होंने तर्क दिया कि इससे OCI के बच्चों को खेलों में विकास और प्रगति के उचित अवसर नहीं मिल पाते हैं।

याचका में यह भी बताया गया कि उन्हें यहां घरेलू टूर्नामेंट खेलने की अनुमति नहीं दी गई, तो उनके भारतीय माता-पिता को उन्हें विदेश भेजने के लिए भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

बचाव

BCCI ने इस तरह किया फैसले का बचाव

पिछली सुनवाई में BCCI ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि उसने OCI कार्डधारकों को प्रतिबंधों के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।

बोर्ड ने कहा कि अगर वे भारतीय नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं तो उन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। यह विशेषज्ञों द्वारा लिया गया सामूहिक निर्णय है।

हालांकि, ताजा सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से भारत में खेल रहे हैं और उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है।

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सुझाव

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दिया यह सुझाव

हालांकि, अदालत ने सुझाव दिया कि यदि खिलाड़ी विदेश में अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाते हैं, तो उनके चयन की संभावना बेहतर हो सकती है।

न्यायाधीशों ने कहा, "आप वहां क्यों नहीं खेलते, क्योंकि वहां आपके चुने जाने की बेहतर संभावना हो सकती है।"

उन्होंने याचिकाकर्ताओं को यह भी बताया कि जब उनके भारतीय नागरिकता के आवेदनों का निस्तारण हो जाए, तो वह भविष्य में भारत लौटकर यहां की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं।

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जानकारी

मामले में 13 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

अदालत ने दोनों पक्षों से अपने तर्क लिखित में प्रस्तुत करने को कहा है और बताया कि मामले में विस्तृत विचार-विमर्श की आवश्यकता है। ऐसे में इस याचिका पर पर 13 अगस्त को अगली सुनवाई होगी। तब तक दोनों पक्षों के अपने तर्क देने होंगे।

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