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फिटनेस को लेकर BCCI हुआ सख्त, खिलाड़ियों को और जल्दी पूरा करना होगा ब्रोंको टेस्ट- रिपोर्ट
फिटनेस को लेकर BCCI हुआ सख्त (तस्वीर: एक्स/@BCCI)

फिटनेस को लेकर BCCI हुआ सख्त, खिलाड़ियों को और जल्दी पूरा करना होगा ब्रोंको टेस्ट- रिपोर्ट

Aug 06, 2026
12:29 pm

क्या है खबर?

हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझती हुई नजर आई है। पिछले कुछ समय में भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस बड़ी परेशानी बनी हुई है। अब खबर है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों के फिटनेस टेस्ट को पास करने के लिए समय को और घटा दिया है। इसका मतलब है कि खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट में खरा उतरने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी।

रिपोर्ट 

ब्रोंको टेस्ट में BCCI ने 20 सेकेंड का समय घटाया 

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट को पास करने के लिए 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड तक का समय मिलेगा।

पहले ये समय 6 मिनट निर्धारित था।

इसके साथ-साथ खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की दौड़ भी लगानी होगी, जिसके लिए 9-10 मिनट का समय मिलेगा।

BCCI ने फैसला लिया है कि फिटनेस टेस्ट के नियम अब सबके लिए एक जैसे और साफ-साफ तय किए जाएंगे।

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टीम के फिजियो कमलेश जैन से नाखुश है बोर्ड

इंग्लैंड दौरे पर खेली गई टी-20 और वनडे सीरीज के दौरान कई खिलाड़ी क्रैम्प और चोट से परेशान रहे थे।

खिलाड़ी मैदान में धीमे दौड़ रहे हैं और रन दौड़ते समय भी बल्लेबाज में दिक्कत में नजर आ रहे हैं।

टीम मैनेजमेंट और बोर्ड, फिजियो कमलेश जैन से नाराज हैं कि फिटनेस स्टैंडर्ड गिर गए हैं।

हर्षित राणा और नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को फिट घोषित कर दिया गया था, लेकिन बाद में समस्या देखने को मिली थी।

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रिपोर्ट 

फिजियो कमलेश को दिए गए हैं निर्देश 

BCCI के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "पिछले साल, CoE ने खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग बेस पैरामीटर तय किए थे। अब यह बात सामने आई है कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए आसान लक्ष्य दिए गए थे।"

सूत्र ने आगे कहा, "कमलेश से कहा गया है कि उन्हें किसी खिलाड़ी के कद-काठी की चिंता नहीं करनी चाहिए और अगर उन्हें कुछ भी ठीक न लगे, तो उस पर बात करनी चाहिए।"

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टेस्ट 

क्या होता है ब्रोंको टेस्ट?

ब्रोंको टेस्ट फिटनेस की नई कसौटी है, जिसमें खिलाड़ी पहले 20 मीटर फिर 40 मीटर और उसके बाद 60 मीटर की शटल दौड़ पूरी करता है।

यही एक सेट कहलाता है और ऐसे 5 सेट लगातार बिना रुके पूरे करने होते हैं।

कुल मिलाकर खिलाड़ी को 1,200 मीटर दौड़ना पड़ता है।

भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टेस्ट और चुनौतीपूर्ण बना दिया गया है। बता दें कि पहले यो-यो टेस्ट के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस की परीक्षा होती थी।

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