एशियाई खेल: भारतीय टीम की बढ़ी परेशानी, खिलाड़ियों को नहीं मिल रही सही साइज की किट
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम रविवार सुबह एशियाई खेल 2026 के लिए रवाना होने वाली है, लेकिन टीम के कुछ सदस्य अभी भी सही नाप की आधिकारिक किट का इंतजार कर रहे हैं। किट से जुड़ी इस समस्या को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के किट सप्लायर JSW इंस्पायर के बीच लगातार बातचीत हो रही है। सही नाप की किट नहीं मिलने के कारण टीम के रवाना होने से पहले मामला अभी सुलझ नहीं पाया है।
इंतजार
कुछ खिलाड़ियों को अपनी किट का इंतजार
पीटीआई के अनुसार, भारतीय टीम की किट से जुड़ी ज्यादातर नाप की समस्या अब दूर हो गई है, हालांकि कुछ खिलाड़ी अभी भी अपनी किट का इंतजार कर रहे हैं।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम रविवार तड़के नई दिल्ली से रवाना होगी।
भारतीय टीम नागोया में होने वाले अपने अभियान की शुरुआत करने की तैयारी कर रही है। टीम की रवानगी से पहले किट को लेकर यह समस्या सामने आई थी।
किट
2 अलग किट का इस्तेमाल करेगी भारतीय टीम
भारतीय टीम जापान में अपने अभियान के दौरान 2 अलग-अलग किट का इस्तेमाल करेगी।
टीम 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी-20 मुकाबले में अपनी नियमित टीम किट पहनेगी।
इसके बाद एशियाई खेलों के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी आधिकारिक खेलों की जर्सी में नजर आएंगे।
भारतीय टीम के अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल से होगी। टीम जापान में पहुंचने के बाद दोनों किट के साथ अपने कार्यक्रम में आगे बढ़ेगी।
अन्य
इस खिलाड़ी को भी हुई किट की समस्या
किट से जुड़ी परेशानी का असर एक अन्य भारतीय खिलाड़ी पर भी पड़ा है।
2 बार एशियाई खेलों में शॉटपुट का खिताब जीत चुके तजिंदरपाल सिंह तूर को उद्घाटन समारोह के लिए भारत के ध्वजवाहकों में शामिल किया गया था।
हालांकि, उन्हें आधिकारिक किट नहीं मिलने के कारण वह त्सुकुबा स्थित ट्रेनिंग सेंटर से नागोया नहीं जा सके।
इसके चलते उनकी जगह कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया। उनके साथ मनु भाकर भी ध्वजवाहक हैं।
व्यवस्था
BCCI ने की है भारतीय टीम के ठहरने की व्यवस्था
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए BCCI ने नागोया में अलग ठहरने की व्यवस्था की है।
आयोजकों की ओर से खिलाड़ियों को दिए गए कमरों में क्रिकेट किट बैग रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।
इसके बाद बोर्ड ने खिलाड़ियों के लिए अपने स्तर पर अलग व्यवस्था की। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब भी IOA के जरिए की गई ठहरने की व्यवस्था में रह रही है।
यह कदम खिलाड़ियों की सुविधा के लिए उठाया गया है।