Loading...
एशियाई खेल 2026: सावन बरवाल ने रचा इतिहास, 44 साल बाद भारत को मैराथन में पदक
सावन बरवाल ने कमाल का प्रदर्शन किया (फाइल तस्वीर)

एशियाई खेल 2026: सावन बरवाल ने रचा इतिहास, 44 साल बाद भारत को मैराथन में पदक

Sep 26, 2026
09:35 am

क्या है खबर?

भारत के सावन बरवाल ने शनिवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुष मैराथन स्पर्धा के फाइनल में ऐतिहासिक रजत पदक जीता है। उन्होंने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही भारत ने मैराथन में 44 साल बाद पदक जीता। एशियाई खेलों में भारत ने आखिरी बार साल 1982 में दिल्ली में आयोजित संस्करण में मैराथन पदक हासिल किया था। एचके सीताराम ने उस समय कांस्य पदक अपने नाम किया था।

मुकाबला

ऐसा रहा मुकाबला

सावन ने 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

वह स्वर्ण विजेता जापान के इचिटाका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे, जिन्होंने 2 घंटे 10 मिनट और 49 सेकंड का समय दर्ज किया।

चीन के पेइयू फेंग ने 2 घंटे 12 मिनट और 13 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता।

अप्रैल में सावन ने रॉटरडैम में आयोजित एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था।

टीम

आधी दूरी तक दूसरे स्थान पर रहे थे सावन

सावन ने मैराथन के दौरान कुछ समय तक शीर्ष स्थान पर रहते हुए दौड़ में बढ़त बनाए रखी। आधी दूरी पूरी होने तक उन्होंने दूसरा स्थान हासिल कर लिया था।

आधी दूरी सावन ने एक घंटे 5 मिनट और 54 सेकंड में तय की थी।

स्पर्धा में भारत के दूसरे धावक कार्तिक करकेरा भी शामिल थे। हालांकि, करकेरा का प्रदर्शन सावन जैसा नहीं रहा और वह 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।

ADVERTISEMENT

भारत

देश से बाहर भारत का पहला पदक

सावन ने 2 घंटे 11 मिनट और 37 सेकंड का समय निकालकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और भारत के लिए देश के बाहर मैराथन पदक जीतने वाले पहले धावक बने।

इससे पहले एशियाई खेलों में भारत के सभी मैराथन पदक दिल्ली में जीते गए थे।

छोटा सिंह ने 1951 में स्वर्ण पदक, जबकि सूरत सिंह माथुर ने इसी संस्करण में कांस्य पदक जीता था।

इसके बाद एच.के. सीताराम ने 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

ADVERTISEMENT

ट्विटर पोस्ट

यहां देंखें सावन का वीडियो 

ADVERTISEMENT