एशियाई खेल 2026: नरेंद्र बेरवाल ने मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीता, ये खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे
क्या है खबर?
भारत के नरेंद्र बेरवाल ने एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग की मुक्केबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। मंगलवार को सेमीफाइनल में उन्हें कजाकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन ऐबेक ओरलबे से हार का सामना करना पड़ा। एकतरफा मुकाबले में नरेंद्र ओरलबे की गति और ताकत का मुकाबला नहीं कर सके। भारतीय मुक्केबाज तीनों राउंड में सर्वसम्मत निर्णय से हार गए। इस हार के साथ वह स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह नहीं बना सके।
दिन
मुक्केबाजी में भारत का दिन शानदार रहा
नरेंद्र की हार के बावजूद भारतीय मुक्केबाजी के लिए मंगलवार का दिन शानदार रहा।
प्रवीण हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपनी-अपनी सेमीफाइनल बाउट जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
इन दोनों की जीत के साथ भारत ने पिछले एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में जीते 4 पदकों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।
आइची-नागोया एशियाई खेलों में अब भारत के 6 मुक्केबाजों के पदक पक्के हो चुके हैं। इनमें नरेंद्र का कांस्य पदक भी शामिल है।
मुकाबला
ऐसा रहा नरेंद्र का मुकाबला
ओरलबे ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और पहले राउंड में 5-0 से जीत दर्ज कर नरेंद्र पर दबाव बना दिया।
दूसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज को वापसी की जरूरत थी, लेकिन कजाकिस्तान के मुक्केबाज ने अपना दबदबा जारी रखा और फिर 5-0 से बाजी मारी।
आखिरी राउंड में भी नरेंद्र वापसी नहीं कर सके और ओरलबे ने इसे भी 5-0 से अपने नाम किया। इस हार के साथ नरेंद्र कांस्य पदक लेकर लौटेंगे।
कांस्य
प्रवीण को सेमीफाइनल में मिली जीत
इससे पहले प्रवीण ने महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में चीन की ली शु को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
यह प्रदर्शन हांगझोउ एशियाई खेलों में उनके कांस्य पदक से बेहतर है। हालांकि, बाद में वह पदक रद्द कर दिया गया था।
इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने डोपिंग जांच के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में प्रवीण को 22 महीने के लिए निलंबित किया था। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक पर होगी।
उपलब्धि
फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनी प्रवीण
प्रवीण एशियाई खेलों के मुक्केबाजी फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले मैरी कॉम ने 2014 में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि पिछले एशियाई खेलों में लवलीना बोरगोहेन ने रजत पदक हासिल किया था।
इसके बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा सेमीफाइनल में शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की।
वह उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एरकिनबोव के खिलाफ पिछड़ रहे थे, लेकिन वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।