एशियाई खेल 2026: मुक्केबाज परवीन हूडा ने जीता स्वर्ण पदक, लवलीना-मैरीकॉम की सूची में हुई शामिल
क्या है खबर?
जापान में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारत ने मुक्केबाजी में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता है। परवीन हूडा ने महिलाओं की 65 किग्रा मुक्केबाजी वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को हराया। यह आइची-नागोया एशियाई खेल में भारत का कुल 13वां स्वर्ण पदक है। इसके साथ ही परवीन अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मैरी कॉम (2014) और लवलीना बोरगोहेन (2026) के बाद तीसरी महिला मुक्केबाज बनीं।
फाइनल
रोमांचक मैच में जीती परवीन हूडा
परवीन ने स्वर्ण पदक के लिए बेहद कड़े मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज की।
रोहतक में जन्मी मुक्केबाज ने पहले राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन किया और सभी जजों ने उनके पक्ष में निर्णय दिया। हालांकि, दूसरे राउंड में चेन ने वापसी की और मुकाबले को रोमांचक कर दिया।
आखिरी राउंड में परवीन ने अपना संयम बनाए रखा और निर्णायक मुकाबले को अपने नाम किया।
सफर
एशियाई खेल 2026 में शानदार रहा परवीन का सफर
एशियाई खेल 2026 में परवीन का सफर शानदार रहा।
ताजिकिस्तान की मलिका नोजमोवा परवीन के खिलाफ मैच में नहीं उतरी और उन्हें वॉकओवर (WO) से जीत मिली।
इसके बाद 27 सितंबर को हुए क्वार्टर फाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान की नवबहोर खामिदोवा के खिलाफ 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की।
वहीं 29 सितंबर को हुए सेमीफाइनल में चीन की ली शू के खिलाफ परवीन ने 5-0 से जीत हासिल की और फाइनल में जगह पक्की की थी।
ट्विटर पोस्ट
Twitter Post
Gold for India in the boxing ring!
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 2, 2026
Parveen Hooda has secured the Women’s 65kg gold medal at the Asian Games 2026, overcoming a closely fought final to emerge champion.
Her composure under pressure and determination through every round made this a memorable victory.… pic.twitter.com/ve0mfJ0jOy
प्रतिबंध
प्रतिबंध झेली चुकी हैं परवीन
2023 हांगझोऊ एशियाई खेल में परवीन ने 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता और उन्हें पेरिस ओलंपिक का टिकट मिला था। हालांकि, डोपिंग जांच के लिए अपनी लोकेशन सही समय पर न बताने की वजह से उन पर वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) ने 22 महीने का प्रतिबंध लगाया था।
उनका प्रतिबंध घटाकर 14 महीने का कर दिया था। प्रतिबंध की वजह से वह ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सकी थी और उनका एशियाई पदक भी छीन लिया गया था।
वापसी
बेहद मुश्किल रही है परवीन की वापसी
हरियाणा के रोहतक की रुड़की गांव की रहने वाली परवीन, पेशे से ITBP में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हैं। प्रतिबंध समाप्त होने के बाद भी उनकी डगर बेहद मुश्किल रही है।
उन्होंने जुलाई-अगस्त 2026 में ग्लासगो में खेले गए राष्ट्रमंडल खेल में वापसी की थी।
उन खेलों में वह क्वार्टरफाइनल में ही हार गई थीं। परवीन ने हार नहीं मानी और खुद को 65 किग्रा वर्ग में ढालते हुए फिर से मेहनत जारी रखी।