एशियाई खेल 2026: बांग्लादेशी कोच का आवास व्यवस्था पर बड़ा बयान, कहा- हम VIP नहीं
क्या है खबर?
जापान में आयोजित होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद के बीच बांग्लादेश क्रिकेट टीम के मुख्य कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी टीम वीआईपी व्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि एथलीट होने की भावना के साथ वहां जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान व्यवस्थाओं पर न होकर मैदान पर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतने पर है।
बयान
सलाहुद्दीन ने क्या दिया बयान?
क्रिकबज के अनुसार, शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में अभ्यास सत्र की शुरुआत से पहले मुख्य कोच सलाहुद्दीन ने कहा, "मुझे खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर कोई चिंता नहीं है। खेल गांव और एशियाई खेलों के आयोजकों से अन्य एथलीटों को जो कुछ भी मिल रहा है, हम भी उसी में खुश रहेंगे। हम ऐसा बिल्कुल नहीं सोचते कि क्रिकेटर होने के नाते हमें किसी VIP की तरह अलग से रखा जाना चाहिए। हम खुद को सिर्फ एक एथलीट मानते हैं।"
ध्यान
पदक जीतने पर है बांग्लादेश टीम का ध्यान- सलाहुद्दीन
सलाहुद्दीन ने कहा, "आयोजक हमें बिना रहने की जगह के तो सड़क पर नहीं छोड़ देंगे। वहां रहने के लिए उचित व्यवस्था होगी और खाने-पीने का पूरा इंतजाम होगा, इसलिए हम इन बाहरी चीजों के बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद नहीं कर रहे हैं। मेरा मुख्य ध्यान इस बात पर है कि हमारे लड़के मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं और वे जापान की परिस्थितियों में कितनी जल्दी खुद को ढाल पाते हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य पदक जीतना है।"
विकेट
जापान में विकेटों की प्रकृति पर क्या बोले सलाहुद्दीन
सलाहुद्दीन ने जापान में विकेटों की प्रकृति को लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी दूर किया।
उन्होंने कहा, "जब आप क्रिकेट खेलते हैं, तो आपको अलग-अलग समय पर अलग-अलग विकेटों पर खेलना पड़ता है। इसलिए हर बार अच्छे विकेट की उम्मीद करना सही नहीं है।"
कोच ने इस बात पर जोर दिया कि अगर विकेट 120 रन वाला है, तो उन्हें उसी के अनुसार खेलना होगा और अगर विकेट 200 रन वाला है, तो उस हिसाब से खेलना होगा।
कारण
आखिर क्यों मचा है सुविधाओं को लेकर बवाल?
जापान के नागोया में हो रहे इन खेलों में आवास संकट एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है।
जापान में क्रिकेट एक बहुत छोटा और सीमित खेल है, जिसके चलते वहां क्रिकेट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 सितारा होटलों की कमी है।
खेल गांव में कमरों की कमी के कारण आयोजकों ने होटलों के अलावा क्रूज-शिप के केबिनों का भी इंतजाम किया है।
इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी सुविधाओं पर सवाल उठा चुका था।