फीफा विश्व कप: हार के बाद अर्जेंटीना के प्रशंसकों का बवाल, पुलिस से हुई हिंसक झड़प
क्या है खबर?
फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को 1-0 से हरा दिया। हार के बाद अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में हिंसा भड़क उठी। पुलिस ने दंगों के दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। फाइनल मुकाबला देखने के लिए हजारों प्रशंसक राजधानी की सड़कों पर जुटे थे। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि लियोनेल मेसी और उनकी टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करेगी, लेकिन उनकी उम्मीदें टूट गईं।
बवाल
क्यों हुआ बवाल?
अर्जेंटीना के अखबार इन्फोबाए की रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब 11:45 बजे पुलिस और प्रशंसकों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं।
राष्ट्रीय स्मारक ओबेलिस्क के आसपास हालात सबसे ज्यादा बिगड़े, जहां अहम राष्ट्रीय अवसरों पर लोग बड़ी संख्या में जुटते हैं।
यहां कुछ प्रशंसकों ने स्मारक की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और समर्थकों के बीच टकराव शुरू हो गया।
अफरा-तफरी
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
20 मिनट तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रशंसकों के एक बड़े समूह ने पुलिस पर कांच की बोतलें और अन्य वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं।
जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार करने वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने कम से कम 15 लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, इस हिंसा में कई लोग घायल भी हुए हैं।
मलबे
पुलिस समर्थक को लात मारते हुए आई नजर
दंगों के बाद ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर जगह-जगह मलबा और टूटे हुए सामान बिखरे दिखाई दिए।
वहीं, एक तस्वीर में एक पुलिसकर्मी जमीन पर गिरे एक समर्थक को लात मारते हुए भी नजर आया।
हार के बावजूद अर्जेंटीना में राष्ट्रीय अवकाश रहेगा। राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने रोड्री के विश्व कप ट्रॉफी उठाने के कुछ घंटे बाद इसकी घोषणा की।
हालांकि, उन्होंने कहा कि जश्न किस दिन मनाया जाएगा, इसका फैसला टीम के खिलाड़ी और कोच करेंगे।
खिलाड़ी
स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के बीच हुई लड़ाई
फाइनल मुकाबला खत्म होते ही स्पेन के खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान लिएंड्रो परेडेस स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया के पास पहुंचे और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते मामला बढ़ गया और परेडेस ने गार्सिया पर हाथ उठा दिया।
इस दौरान स्थिति को शांत कराने के लिए स्पेन के मिडफील्डर गावी आगे आए।
तभी परेडेस ने उनकी ओर भी हाथ चला दिया। इससे उनके चेहरे पर चोट लग गई।