तीरंदाजी विश्व कप 2026: धीरज बोम्मादेवेरा ने रचा इतिहास, स्वर्ण पदक किया अपने नाम
क्या है खबर?
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने तीरंदाजी विश्व कप 2026 के फाइनल में पुरुषों का व्यक्तिगत खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। यह प्रतियोगिता रविवार को मैक्सिको के साल्टिलो में आयोजित हुई। धीरज ने रोमांचक मुकाबले में जापान के नाकानिशी जुन्या को 6-5 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह मुकाबला शूट-ऑफ तक चला। इस जीत के साथ वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में व्यक्तिगत खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं।
इंतजार
धीरज ने खत्म किया 16 साल का इंतजार
धीरज की जीत ने विश्व कप फाइनल में पदक जीतने वाले किसी भारतीय रिकर्व तीरंदाज के लिए 16 साल के इंतजार को भी समाप्त कर दिया।
ऐसा करने वाले आखिरी भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज जयंता तालुकदार थे, जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था।
डोला बनर्जी एकमात्र ऐसी भारतीय हैं जिन्होंने व्यक्तिगत विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने साल 2007 में महिला वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की थी।
सफर
कैसा रहा धीरज की स्वर्ण पदक तक का सफर?
धीरज ने क्वार्टर फाइनल में तुर्की के बर्किम ट्यूमर को हराकर अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने बिना कोई सेट गंवाए 7-1 से जीत हासिल की और अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
सेमीफाइनल में उनका सामना फ्रांस के रियो ओलंपिक रजत पदक विजेता जीन-चार्ल्स वलाडोंट से हुआ और उन्होंने मुकाबले पर अच्छा नियंत्रण रखते हुए 7-1 से जीत हासिल की।
इसके बाद उन्होंने फाइनल में भी अपनी लय को बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
रोमांचक
बेहद रोमाचंक रहा फाइनल मुकाबला
नाकानिशी ने पहले सेट में 3-1 बढ़त बनाई। हालांकि, धीरज ने तीसरे सेट में 29 का स्कोर बनाकर मुकाबले को 3-3 से बराकर कर दिया।
नाकानिशी ने चौथे सेट में 5-3 की बढ़त बना ली और उन्हें चैंपियन बनने के लिए 5वें सेट में बराबरी की जरूरत थी।
निर्णायक सेट में धीरज ने बेहतर प्रदर्शन कर स्कोर को 5-5 कर दिया।
शूट-ऑफ में धीरज ने परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जबकि नाकानिशी केवल 9 का स्कोर ही बना सके।
सफलता
धीरज को आखिरकार मिल गई सफलता
यह ऐतिहासिक जीत धीरज के लिए और भी खास है क्योंकि वे 2023 और 2024 के विश्व कप संस्करणों से खाली हाथ लौटे थे।
उन्होंने इस साल के फाइनल के लिए अंताल्या में आयोजित तीसरे विश्व कप चरण में पुरुषों का व्यक्तिगत रिकर्व खिताब जीतकर क्वालीफाई किया था, जहां उन्होंने कुमकुम महोद के साथ मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक भी जीता था।
यह विश्व कप खिताब उनके आत्मविश्वास को मजबूती देगा और वह भविष्य के लिए बेहतर हो सकेंगे।