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अमित मिश्रा का दर्दनाक खुलासा, कहा- डेढ़ साल तक अवसाद में रहा
पूर्व भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा डेढ़ साल तक अवसाद में रहे थे

अमित मिश्रा का दर्दनाक खुलासा, कहा- डेढ़ साल तक अवसाद में रहा

Oct 25, 2026
04:14 pm

क्या है खबर?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने अपने शुरुआती करियर के संघर्षों और मानसिक तनाव को लेकर एक दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ एक स्पष्ट बातचीत में मिश्रा ने बताया कि साल 2003 में भारत के लिए वनडे डेब्यू करने के तुरंत बाद टीम से बाहर होने पर वे एक गहरे मानसिक अवसाद के दौर में चले गए थे, जो एक साल से अधिक समय तक जारी रहा।

बयान

मिश्रा ने क्या दिया बयान?

अपने करियर के उस सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए मिश्रा ने कहा, "मैं करीब डेढ़ साल तक डिप्रेशन (अवसाद) में रहा। मैं लगातार यही सोचता रहता था कि आखिर मेरी गलती क्या थी। मैं हर जगह खेल रहा था, लेकिन मेरे दिमाग में एक ही सवाल घूमता था कि मैंने क्या गलत किया था?"

बता दें कि डेब्यू में बड़ी सफलता के बाद मिश्रा का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा और आखिर में उन्हें बाहर कर दिया गया।

हालात

मेरा पूरा एक सीजन खराब गया- मिश्रा

मिश्रा ने आगे कहा, "मैं भारत के लिए खेल चुका था, लेकिन मुझे बाहर कर दिया गया। इसके बाद मुझे दलीप ट्रॉफी में जगह नहीं मिली। मैं जोनल मैचों के लिए इंडिया-A टीम में भी नहीं था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मेरा एक पूरा घरेलू सीजन बेहद खराब गया था।"

मिश्रा ने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि उस बुरे दौर में वे पूरी तरह से अकेले पड़ गए थे।

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परेशानी

परिवार से भी छिपाई अपनी मानसिक लड़ाई

मिश्रा ने बताया कि उन्होंने यह परेशानी अपने परिवार को भी नहीं बताई थी।

उन्होंने कहा, "सच कहूं तो उस बुरे समय में मेरे पास बात करने के लिए कोई नहीं था। मैं अपने परिवार को भी नहीं बता सकता था क्योंकि वे और ज्यादा परेशान हो जाते। मैं इन चीजों पर किसी से चर्चा नहीं कर सकता था, मैं पूरी तरह से अपने दम पर लड़ रहा था। वह समय मेरे जीवन का सबसे कठिन समय था।"

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करियर

कैसा रहा मिश्रा का अंतरराष्ट्रीय करियर?

मिश्रा ने भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से 22 टेस्ट खेले, जिसमें 35.72 की औसत के साथ 76 विकेट चटकाए थे।

उन्होंने 36 वनडे में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें 23.60 की औसत के साथ 64 विकेट अपने नाम किए थे।

इस बीच उन्होंने 2 पारियों में 5 विकेट हॉल लिए थे।

उन्होंने 10 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 6.31 की इकॉनमी रेट से 16 विकेट चटकाए थे। वह घरेलू क्रिकेट में हरियाणा से खेलते थे।

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