टेस्ट क्रिकेट के ये 5 रिकॉर्ड शायद ही कभी टूट पाएं
क्या है खबर?
क्रिकेट में समय-समय पर कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं, जिन्हें बाद में दूसरे खिलाड़ियों ने तोड़ा है। हालांकि, कुछ उपलब्धियां इतनी असाधारण हैं कि उनका टूटना लगभग नामुमकिन माना जाता है। अलग-अलग दौर में बने इन रिकॉर्ड्स में कुछ टेस्ट क्रिकेट से जुड़े हैं। लंबे समय से कायम इन उपलब्धियों ने अपने-अपने दौर में खास पहचान बनाई है। ऐसे में आइए टेस्ट के उन 5 रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं, जिनके टूटने की संभावना बेहद कम मानी जाती है।
#1
मुथैया मुरलीधरन के विकेटों का रिकॉर्ड
श्रीलंका के दिग्गज स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के समय 22.72 की औसत से 800 विकेट लिए थे।
उनकी गेंदबाजी और लंबे स्पेल करने की क्षमता बेजोड़ थी।
शेन वॉर्न (708) और जेम्स एंडरसन (704) ही अन्य गेंदबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट में 700 विकेट का आंकड़ा पार किया है।
सक्रिय गेंदबाजों में ऑस्ट्रेलिया के 38 वर्षीय नाथन लियोन 567 विकेट के साथ मुरलीधरन के रिकॉर्ड के सबसे करीब हैं। ऐसे में यह रिकॉर्ड टूटना मुश्किल है।
#2
जिम लेकर के 19 विकेट
साल 1956 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्पिनर जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में 19 विकेट लिए थे।
उन्होंने पहली पारी में 9/37 और दूसरी पारी में 10/53 के आंकड़े दर्ज किए। किसी अन्य गेंदबाज ने एक टेस्ट में 18 विकेट भी नहीं हासिल किए हैं।
लेकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए मैच के सभी 20 विकेट लेने होंगे।
टेस्ट पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा अब तक केवल 2 अन्य गेंदबाजों ने किया है।
#3
ब्रायन लारा के 400 रन
वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड दर्ज है।
उन्होंने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाए थे। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचे, लेकिन लारा के सम्मान में नाबाद 367 रन पर पारी घोषित कर दी।
यह पारी जिम्बाब्वे के खिलाफ आई थी। लारा ने 582 गेंदों का सामना कर 400 रन बनाए थे। वह मुकाबला ड्रॉ रहा था।
#4
डॉन ब्रैडमैन की औसत
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट में 99.94 की औसत आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे चर्चित आंकड़ों में शामिल है।
ब्रैडमैन ने अपने करियर में इसी औसत से 6,996 रन बनाए थे। उनकी बल्लेबाजी का दबदबा इतना शानदार था कि कोई अन्य खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के करीब भी नहीं पहुंच सका।
खास बात यह है कि टेस्ट में कम से कम 1,500 रन बनाने वाले किसी अन्य बल्लेबाज का औसत 62 तक भी नहीं पहुंचा है।
#5
ऑस्ट्रेलिया की लगातार टेस्ट जीत
स्टीव वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने अक्टूबर 1999 से फरवरी 2001 के बीच लगातार 16 टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रचा था।
कुछ साल बाद रिकी पोंटिंग की अगुवाई में भी ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2005 से जनवरी 2008 के बीच लगातार 16 टेस्ट जीत दर्ज कर अपने ही टीम के रिकॉर्ड की बराबरी की।
कोई अन्य टीम लगातार 12 टेस्ट भी नहीं जीत सकी है। ये रिकॉर्ड् टूटना भी बेहद मुश्किल है।