विश्व मौसम दिवस आज, क्यों मनाया जाता है और क्या है 2026 का थीम?
क्या है खबर?
आज (23 मार्च) पूरी दुनिया में विश्व मौसम दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन मौसम, क्लाइमेट और पानी से जुड़ी जानकारी के महत्व को समझाने के लिए खास माना जाता है। बदलते मौसम और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के बीच यह दिन लोगों को सतर्क रहने और जानकारी रखने के लिए प्रेरित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर मिली मौसम जानकारी से लोगों की जान और संपत्ति को काफी हद तक बचाया जा सकता है।
थीम
क्यों मनाया जाता है और क्या है थीम?
विश्व मौसम दिवस हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की याद में मनाया जाता है। इस साल 2026 की थीम 'आज देखना, कल की रक्षा करना' रखी गई है। इसका मतलब है कि आज मौसम और क्लाइमेट से जुड़ा डाटा इकट्ठा करके भविष्य में लोगों और पर्यावरण को सुरक्षित किया जा सकता है, जिससे भविष्य के लिए बेहतर तैयारी संभव हो पाती है।
इतिहास
इतिहास और अहम भूमिका
वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन की स्थापना 23 मार्च 1950 को हुई थी और इसने 1951 से काम शुरू किया। पहला विश्व मौसम दिवस 1961 में मनाया गया था। यह संस्था दुनियाभर के देशों के बीच मौसम और क्लाइमेट से जुड़ी जानकारी साझा करने में मदद करती है। इससे मौसम का सही अनुमान लगाने और आपदाओं से बचाव के उपाय मजबूत होते हैं, जिससे कई देशों को समय रहते चेतावनी मिल जाती है।
वजह
क्यों है यह दिन इतना जरूरी?
मौसम और जलवायु का असर खेती, यात्रा और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधे पड़ता है। करीब 90 प्रतिशत प्राकृतिक आपदाएं मौसम और पानी से जुड़ी होती हैं। ऐसे में सटीक फोरकास्ट और समय पर चेतावनी देना बेहद जरूरी हो जाता है। यह दिन लोगों को जलवायु परिवर्तन के खतरे के बारे में जागरूक करता है और देशों को मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे नुकसान को कम किया जा सके।
अन्य
क्या होता है इस दिन?
विश्व मौसम दिवस पर दुनियाभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसमें स्कूलों में वर्कशॉप, जागरूकता अभियान और साइंस प्रदर्शनियां शामिल होती हैं। सोशल मीडिया पर भी #WorldMetDay के जरिए लोगों को जागरूक भी किया जाता है। मौसम विभाग और वैज्ञानिक इस दिन नई जानकारी और अपडेट साझा करते हैं, जिससे लोगों को मौसम और क्लाइमेट से जुड़े बदलावों के बारे में सही और समय पर जानकारी मिल सके।