क्या गगनयान मिशन में होगी देरी? ISRO के अध्यक्ष ने दिया यह संकेत
क्या है खबर?
भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की समय सीमा आगे बढ़ा दी गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पहले 2026 में पहली बिना क्रू वाली परीक्षण उड़ान और 2027 के आखिर तक क्रू वाली उड़ान भेजने की योजना बनाई थी। हालांकि, ISRO के अध्यक्ष वी नारायणन ने हाल ही में संकेत दिया है कि इन तारीखों में बदलाव हो सकता है और अब बिना क्रू वाली उड़ान 2027 के आखिर तक और मानव-युक्त उड़ान 2028 तक टल सकती है।
वजह
देरी के पीछे है यह वजह
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष ने इस मानव-युक्त मुश्किल गंगनयान मिशन में सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, "गगनयान प्रोग्राम तकनीक पर आधारित एक बहुत महत्वपूर्ण मिशन है और इसमें इंसानों की सुरक्षा बहुत जरूरी है।" नारायणन ने आगे कहा कि रॉकेट में किसी भी तरह की समस्या होने पर क्रू की सुरक्षा पक्की करने के लिए वे पहले से ही एक 'ह्यूमन-रेटेड' रॉकेट लॉन्च करने पर काम कर रहे हैं।
योजना
3 बिना क्रू वाले मिशन होंगे लॉन्च
बेंगलुरु में एयर फोर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एयर मार्शल एलएम कात्रे मेमोरियल लेक्चर के दौरान ISRO के अध्यक्ष ने अपनी प्रेजेंटेशन की एक स्लाइड में बताया कि गगनयान प्रोग्राम के तहत 3 बिना क्रू वाले मिशन की योजना है। उन्होंने कहा, "हमें 3 बिना क्रू वाले मिशन करने हैं, हम इस साल पहले बिना क्रू वाले मिशन पर काम कर रहे हैं और एक बार नतीजे मिल जाने के बाद हम क्रू वाले मिशन पर आगे बढ़ेंगे।"