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ट्रूकॉलर समेत कॉलर ID ऐप्स पर क्यों सख्ती चाहता है TRAI?
ट्रूकॉलर समेत कॉलर ID ऐप्स पर सख्ती चाहता है TRAI

ट्रूकॉलर समेत कॉलर ID ऐप्स पर क्यों सख्ती चाहता है TRAI?

Jul 09, 2026
06:36 pm

क्या है खबर?

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम कॉल पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, TRAI ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से ऐसी शक्तियां देने का अनुरोध किया है, जिससे कॉलर पहचान और कॉल प्रबंधन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की जा सके। TRAI का मानना है कि कई बार वैध व्यावसायिक कॉल गलत तरीके से स्पैम बताकर ब्लॉक या टैग कर दी जाती हैं।

वजह

क्यों चाहिए ट्राई को नई शक्तियां?

अभी ट्रूकॉलर, हिया और हूजकॉल जैसे कई अन्य कॉलर पहचान प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत काम करते हैं, इसलिए वे सीधे तौर पर TRAI के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। इसी वजह से TRAI ने खुद को अधिकृत एजेंसी बनाए जाने की मांग की है। ऐसा होने पर नियामक इन प्लेटफॉर्म को कथित नियम उल्लंघन की सूचना दे सकेगा और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर पाएगा।

चिंता

वैध कॉल ब्लॉक होने से बढ़ रही चिंता

TRAI का कहना है कि कई बार 140 और 1600 सीरीज के नंबरों से आने वाली वैध व्यावसायिक और बैंकिंग कॉल भी गलत तरीके से स्पैम बताई जा रही हैं। इससे कारोबार, सरकारी सेवाओं और जरूरी सूचनाओं के आदान-प्रदान में दिक्कत आ सकती है। नियामक का मानना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो कंपनियां फिर सामान्य मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने लगेंगी, जिससे स्पैम कॉल की समस्या और बढ़ सकती है।

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पक्ष

ट्रूकॉलर ने भी रखा अपना पक्ष

ट्रूकॉलर का कहना है कि उसने 140 और 1600 सीरीज के नंबरों को लेकर जारी निर्देशों का पालन किया है। कंपनी के अनुसार, बड़ी संख्या में यूजर्स इन नंबरों से आने वाली कॉल को नजरअंदाज या ब्लॉक कर रहे हैं। इसी वजह से उसने इन नंबरों के लिए "फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड" संकेत दिखाना शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य लोगों को जानकारी देना है, न कि वैध कॉल को स्पैम घोषित करना।

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