हबल टेलीस्कोप को बचाने के लिए नासा को निजी कंपनियों की जरूरत क्यों पड़ रही?
क्या है खबर?
नासा का मशहूर हबल स्पेस टेलीस्कोप अब खुद मुश्किल में है। साल 1990 में पृथ्वी की कक्षा में भेजे गए इस टेलीस्कोप ने 3 दशक से ज्यादा समय तक ब्रह्मांड की कई अहम तस्वीरें दुनिया तक पहुंचाईं, लेकिन अब इसकी कक्षा की ऊंचाई लगातार कम हो रही है। मौजूदा स्थिति में यह 2033 या 2034 तक पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। इसके नीचे गिरने से धरती पर लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है।
वजह
नासा को निजी कंपनियों से क्यों मांगनी पड़ रही मदद?
हबल को बचाने के लिए नासा उसे दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाना चाहती है, लेकिन इसके लिए विशेष अंतरिक्ष यान की जरूरत है।
नासा ने 2002 में स्पेस शटल की मदद से ऐसा किया था, लेकिन अब उसके पास वैसा विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से एजेंसी ने निजी अंतरिक्ष कंपनियों से जानकारी मांगी है।
नासा चाहती है कि कंपनियां बताएं कि वे टेलीस्कोप की कक्षा बढ़ाने या सुरक्षित तरीके से नीचे लाने में कैसे मदद कर सकती हैं।
चुनौती
टेलीस्कोप को 600 किलोमीटर ऊपर ले जाना बड़ी चुनौती
नासा के मुताबिक, हबल को ऊंची कक्षा में पहुंचाने के लिए उसे 600 किलोमीटर से ज्यादा ऊपर ले जाना होगा। यह तकनीकी रूप से काफी मुश्किल काम है।
इसके लिए किसी अंतरिक्ष यान को टेलीस्कोप के पास पहुंचकर उसे पकड़ना होगा और फिर उसकी कक्षा बदलनी होगी।
नासा की अधिकारी निकी फॉक्स के मुताबिक, निजी अंतरिक्ष कंपनियों ने हाल के वर्षों में सैटेलाइट्स को पकड़ने और उनकी मरम्मत करने की तकनीक में अच्छी प्रगति की है।
उम्मीद
स्पेस-X और रॉकेट लैब से लगाई जा रही उम्मीद
नासा ने निजी कंपनियों से मदद मांगने के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी किया है।
माना जा रहा है कि एलन मस्क की स्पेस-X और पीटर बेक की रॉकेट लैब इस काम में रुचि दिखा सकती हैं। रॉकेट लैब ने पहले इस्तेमाल किए गए रॉकेट को हेलीकॉप्टर से पकड़ने की कोशिश की थी।
नासा प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने भी कहा है कि हबल की उम्र बढ़ाने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
अन्य
पहले भी निजी कंपनियों ने की है नासा की मदद
नासा के लिए निजी अंतरिक्ष कंपनियों की मदद लेना कोई नई बात नहीं है।
मार्च, 2025 में स्पेस-X के ड्रैगन अंतरिक्ष यान की मदद से सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ISS से धरती पर वापस लाया गया था। दोनों अंतरिक्ष यात्री लंबे समय से वहां फंसे हुए थे।
अब नासा को उम्मीद है कि निजी कंपनियों की तकनीक और अनुभव हबल टेलीस्कोप को बचाने में भी काम आएंगे, ताकि यह कुछ और साल तक ब्रह्मांड की तस्वीरें भेज सके।