आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्री क्यों अपने साथ आईफोन क्यों लेकर गए?
क्या है खबर?
अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की तरफ रवाना हो चुके हैं। यह मिशन करीब 10 दिन का है और इसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर घूमकर वापस आएंगे। खास बात यह है कि इस बार अंतरिक्ष यात्री अपने साथ आईफोन भी ले गए हैं। यह कदम अंतरिक्ष मिशन को आम लोगों के और करीब लाने की दिशा में एक नया और खास प्रयास माना जा रहा है।
वजह
क्यों साथ ले जाए गए आईफोन स्मार्टफोन?
नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों को आईफोन साथ ले जाने की अनुमति इसलिए दी है, ताकि वे अपनी यात्रा के खास पलों को कैप्चर कर सकें। इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल चांद के पास से ली गई तस्वीरों और वीडियो को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाएगा। इससे मिलने वाली तस्वीरें ज्यादा पर्सनल और आसान तरीके से समझ आने वाली होंगी। इसका मकसद अंतरिक्ष अनुभव को आम लोगों तक बेहतर और करीब तरीके से पहुंचाना है।
उपयोग
सुरक्षा के साथ किया जाएगा इस्तेमाल
इन आईफोन को पूरी तरह एयरप्लेन मोड पर ही रखा जाएगा, ताकि वे किसी भी तरह से स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम में दखल न दें। इसका मतलब है कि फोन में नेटवर्क या कॉलिंग जैसी कोई सुविधा काम नहीं करेगी। इन्हें केवल कैमरा और रिकॉर्डिंग डिवाइस की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। नासा ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं, ताकि मिशन की सुरक्षा और तकनीकी सिस्टम पर कोई असर न पड़े।
टेक्नोलॉजी
स्पेस और रोजमर्रा की टेक्नोलॉजी का नया मेल
यह फैसला दिखाता है कि अब अंतरिक्ष मिशनों में आम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। स्मार्टफोन कैमरा अब इतना बेहतर हो चुका है कि वह कठिन परिस्थितियों में भी अच्छी तस्वीरें ले सकता है। इससे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए काम आसान होता है और वे अपने अनुभव को आसानी से रिकॉर्ड कर पाते हैं। यह कदम भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों को और आधुनिक, आसान और लोगों से जुड़ा बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।