नासा ने आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ क्यों भेजे ऑर्गन चिप्स?
क्या है खबर?
नासा ने चंद्रमा के चारों तरफ चक्कर लगाने के लिए आर्टेमिस II मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष यान में छोटे USB के आकार के डिवाइस भेजे गए थे, जिन्हें 'ऑर्गन चिप्स' के नाम से जाना जाता है। इन चिप्स में जीवित मानव कोशिकाएं इस तरह से व्यवस्थित होती हैं कि वे शरीर के अंदर वास्तविक अंगों की कार्यप्रणाली की नकल करती हैं। चिप्स अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा दान किए गए अस्थि मज्जा कोशिकाओं का उपयोग करके बनाए थे।
उद्देश्य
इसलिए भेजी गई थी ऑर्गन चिप्स
चिप्स के जरिए वैज्ञानिक यह पता लगा रहे हैं कि प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री की कोशिकाएं अंतरिक्ष की स्थितियों पर कैसे प्रतिक्रिया करती हैं। इसके लिए उन्हें चालक दल से नमूने लेने की आवश्यकता नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के विपरीत आर्टेमिस II अंतरिक्ष में ज्यादा दूर पहुंचा था। इससे यात्रियों को अधिक विकिरण और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में अधिक समय तक रहना पड़ा है, जिसका हड्डियों, रक्त कोशिकाओं और प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी प्रभाव पड़ता है।
फायदा
लघु प्रयोगशाला की तरह काम करती है चिप्स
ये ऑर्गन चिप्स अंतरिक्ष में लघु प्रयोगशालाओं का काम करते हैं। अंतरिक्ष यान के गहरे अंतरिक्ष में आगे बढ़ने के दौरान वैज्ञानिक यह देख सकते हैं कि कोशिकाएं विकिरण, भारहीनता और अन्य परिस्थितियों पर कैसे प्रतिक्रिया करती हैं। इसमें यह जांच करना भी शामिल है कि क्या वे इन तनावों के तहत कमजोर होती हैं या स्वयं की मरम्मत करती हैं। इस प्रयोग से एकत्रित डाटा चंद्रमा या मंगल ग्रह पर दीर्घकालिक मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है।