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रोमन जैसे स्पेस टेलिस्कोप आखिर धरती पर मौजूद टेलिस्कोप से क्यों होते हैं बेहतर?
यहां से यह ब्रह्मांड के बड़े हिस्से का अध्ययन करेगा

रोमन जैसे स्पेस टेलिस्कोप आखिर धरती पर मौजूद टेलिस्कोप से क्यों होते हैं बेहतर?

Sep 01, 2026
09:07 am

क्या है खबर?

नासा का नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप सफल लॉन्च के बाद अंतरिक्ष की ओर बढ़ रहा है। इसे स्पेस-X के फाल्कन हेवी रॉकेट से फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से रवाना किया गया। रोमन करीब 16 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंज पॉइंट-2 यानी L2 के आसपास काम करेगा। यहां से यह ब्रह्मांड के बड़े हिस्से का अध्ययन करेगा। वैज्ञानिकों को डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और सौरमंडल से बाहर मौजूद ग्रहों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

काम

वायुमंडल से बाहर रहकर करते हैं काम

पृथ्वी पर मौजूद टेलिस्कोप को वायुमंडल के पार से अंतरिक्ष देखना पड़ता है।

हवा की अलग-अलग परतें रोशनी को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे तस्वीरों की स्पष्टता कम हो सकती है। स्पेस टेलिस्कोप इन समस्याओं से काफी हद तक ऊपर रहकर काम करते हैं।

रोमन भी अंतरिक्ष में रहकर इंफ्रारेड रोशनी को देखेगा। इससे दूर मौजूद तारों, आकाशगंगाओं और दूसरी खगोलीय वस्तुओं का अध्ययन करना वैज्ञानिकों के लिए आसान हो जाता है।

सर्वे

आसमान के बड़े हिस्से का करते हैं सर्वे

रोमन का वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट आसमान के बड़े हिस्से को एक साथ देखने के लिए बनाया गया है।

इसका मुख्य दर्पण हबल स्पेस टेलिस्कोप के दर्पण जितना बड़ा है, लेकिन रोमन एक बार में हबल से कम से कम 100 गुना ज्यादा क्षेत्र देख सकेगा। इससे वैज्ञानिक कम समय में ज्यादा हिस्से का सर्वे कर पाएंगे।

जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप जहां बहुत बारीकी से वस्तुओं का अध्ययन करता है, वहीं रोमन बड़ी तस्वीर दिखाने पर ज्यादा ध्यान देगा।

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दृश्य

पृथ्वी के टेलिस्कोप से मिलती है ज्यादा साफ नजर

स्पेस टेलिस्कोप का एक बड़ा फायदा यह है कि उन्हें पृथ्वी के वायुमंडल और प्रकाश प्रदूषण जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता।

पृथ्वी पर मौजूद वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी और केक ऑब्जर्वेटरी जैसे टेलिस्कोप जमीन से अंतरिक्ष देखते हैं। उनके काम पर मौसम और वायुमंडलीय स्थितियों का असर पड़ सकता है।

इसके मुकाबले रोमन और हबल जैसे अंतरिक्ष टेलिस्कोप वायुमंडल के ऊपर रहकर लगातार ब्रह्मांड का निरीक्षण करने की बेहतर स्थिति में होते हैं।

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खासियत

हर टेलिस्कोप की अपनी अलग खासियत

स्पेस टेलिस्कोप का मतलब यह नहीं कि पृथ्वी पर मौजूद टेलिस्कोप बेकार हैं। दोनों अलग-अलग तरह की जानकारी देते हैं।

जेम्स वेब इंफ्रारेड में बेहद दूर की वस्तुओं की बारीकी से जांच करता है, जबकि हबल दृश्य और दूसरी रोशनी में शानदार तस्वीरें देता है। रोमन बड़े क्षेत्र का तेजी से सर्वे करेगा।

वहीं वेरा रुबिन ऑब्जर्वेटरी जमीन से बहुत बड़े हिस्से की निगरानी करेगी। इन सभी के आंकड़े मिलकर वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की बेहतर तस्वीर देंगे।

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