क्यों होता है स्क्रीन 43 इंच, स्टोरेज 128GB, चार्जर 33W? जानिए अजीब नम्बरों का वजह
क्या है खबर?
स्मार्टफोन खरीदते समय 6.7 इंच स्क्रीन, 128GB स्टोरेज और 33W चार्जिंग जैसे नंबर बार-बार सुनने को मिलते हैं। पहली नजर में ये आंकड़े सिर्फ तकनीकी जानकारी लगते हैं, लेकिन इनके पीछे अलग-अलग वैज्ञानिक वजह होती है। कंपनियां हर नंबर को फोन की तकनीक, डिजाइन, लागत और उपयोग के हिसाब से तय करती हैं। हालांकि, इन सभी नंबरों के पीछे एक जैसा गणितीय नियम नहीं होता। स्क्रीन, स्टोरेज और चार्जिंग तीनों की कहानी अलग है।
स्टोरेज
स्टोरेज 128GB ही क्यों, 120GB या 250GB क्यों नहीं?
यहां मुख्य वजह डिजिटल मेमोरी की बाइनरी संरचना है।
कंप्यूटर और फोन में डाटा बिट्स के रूप में रखा जाता है, जहां हर बिट 0 या 1 हो सकता है। मेमोरी चिप्स की संरचना और क्षमता आमतौर पर 2 की घातों के आसपास विकसित हुई है।
इसलिए 32GB, 64GB, 128GB, 256GB और 512GB जैसी क्षमताएं आम हैं। 120GB या 250GB जैसी क्षमताएं तकनीकी रूप से संभव हैं, लेकिन उनके लिए अलग चिप कॉन्फिगरेशन की जरूरत पड़ सकती है।
स्क्रीन
6.7 इंच स्क्रीन क्यों, 7 या 8 इंच क्यों नहीं?
स्क्रीन का 6.7 इंच होना किसी इलेक्ट्रॉनिक नियम की वजह से नहीं है, जैसा स्टोरेज में 2 की घात वाली संरचना होती है।
इसका आकार मुख्य रूप से फोन के अनुपात, पैनल निर्माण और उपयोगिता से तय होता है। स्मार्टफोन डिस्प्ले का आकार विकर्ण में मापा जाता है। कंपनियां ग्लास पैनल, पिक्सल लेआउट और उत्पादन प्रक्रिया के हिसाब से आकार चुनती हैं।
6.7 इंच में बड़ी स्क्रीन मिलती है, जबकि फोन की चौड़ाई और पकड़ भी व्यावहारिक रहती है।
चार्जर
33W चार्जिंग क्यों, 30W या 50W क्यों नहीं?
चार्जिंग में ऐसा कोई वैज्ञानिक नियम नहीं है कि पावर हमेशा 33W ही होनी चाहिए।
वॉट, वोल्टेज और करंट के संबंध से तय होता है।
आसान भाषा में वॉट=वोल्ट×एम्पियर होता है। फोन का चार्जिंग सर्किट जिस वोल्टेज और करंट को सुरक्षित रूप से संभाल सकता है, उसके आधार पर पावर तय होती है।
ज्यादा पावर से चार्जिंग तेज हो सकती है, लेकिन गर्मी भी बढ़ती है। इसलिए कंपनियां बैटरी, तापमान और सुरक्षा देखकर 25W, 33W, 45W या 50W चुनती हैं।
अन्य
हर नंबर के पीछे अलग तकनीकी कारण
टैबलेट, टीवी, लैपटॉप या फोन के सभी नंबर एक नियम से नहीं निकलते।
128GB का संबंध डिजिटल मेमोरी की बाइनरी संरचना और चिप कॉन्फिगरेशन से है, जबकि 6.7 इंच का संबंध डिस्प्ले पैनल, फोन के आकार से है। इसी तरह 33W चार्जिंग का संबंध वोल्टेज, करंट, गर्मी और बैटरी की सुरक्षित क्षमता से है।
कंपनियां इन नंबरों को सिर्फ पसंद से नहीं चुनतीं। तकनीकी सीमाएं, निर्माण लागत, उपलब्ध कंपोनेंट और उपयोगकर्ता की जरूरत मिलकर अंतिम नंबर तय करते हैं।