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AI युग में भारतीय छात्रों के लिए कौन से करियर बेहतर? एंथ्रोपिक CEO की सलाह
आने वाले समय में टेक्निकल करियर का स्वरूप तेजी से बदलेगा

AI युग में भारतीय छात्रों के लिए कौन से करियर बेहतर? एंथ्रोपिक CEO की सलाह

Feb 25, 2026
04:53 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग रोल में आने वाले भारतीय स्टूडेंट्स के लिए करियर ऑप्शन बताए हैं। उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते प्रभाव के कारण सिर्फ पारंपरिक कोडिंग स्किल्स पर निर्भर रहना अब पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में टेक्निकल करियर का स्वरूप तेजी से बदलेगा, इसलिए छात्रों को अभी से अपनी तैयारी और कौशल की दिशा पर दोबारा विचार करना चाहिए।

#1

सिर्फ कोडिंग नहीं, सिस्टम सोच जरूरी

अमोदेई ने कहा कि AI मॉडल्स पहले कोडिंग के रूटीन काम संभालेंगे, लेकिन पूरी इंजीनियरिंग प्रक्रिया को ऑटोमेट होने में समय लगेगा। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे डिजाइन, यूजर की जरूरत समझने और सिस्टम लेवल की सोच पर ध्यान दें। उनके मुताबिक, यह तय करना कि क्या बनाना है और कैसे बनाना है, यह इंसानी भूमिका अभी भी अहम रहेगी। यही स्किल्स भविष्य में ज्यादा मूल्यवान साबित हो सकती हैं।

#2

मानव कौशल और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र

CEO ने यह भी कहा कि ह्यूमन-सेंटर्ड रोल और फिजिकल दुनिया से जुड़े काम लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का उदाहरण दिया, जहां तकनीकी ज्ञान और वास्तविक इंजीनियरिंग का मेल होता है। ऐसे क्षेत्रों को पूरी तरह ऑटोमेट करना आसान नहीं है। कम्पेरेटिव एडवांटेज की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इंसान का छोटा लेकिन खास योगदान भी AI के साथ मिलकर बेहद प्रभावी हो सकता है।

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#3

क्रिटिकल थिंकिंग और समझदारी जरूरी

अमोदेई ने छात्रों को चेतावनी दी कि AI टूल्स का लापरवाही से उपयोग करने से उनकी स्किल्स कमजोर हो सकती हैं। उन्होंने क्रिटिकल थिंकिंग को सबसे जरूरी क्षमता बताया है। उनके अनुसार, जब AI आसानी से कंटेंट और कोड तैयार कर सकता है, तब सही और गलत में फर्क समझना ज्यादा अहम हो जाता है। सोच-समझकर AI का उपयोग करने से सीखने और उत्पादकता दोनों में सुधार हो सकता है।

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