अक्टूबर महीने में कौन-कौन सी खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी?
क्या है खबर?
आसमान और अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वालों के लिए अक्टूबर का महीना कई खास नजारे लेकर आ रहा है। इस दौरान रात के आसमान में ग्रहों की स्थिति बदलती दिखेगी और कई खगोलीय घटनाएं भी होंगी। अक्टूबर में शनि अपनी उल्टी दिशा में पहुंचेगा, दो प्रमुख उल्कापिंड वर्षा अपने चरम पर होंगी और बुध शाम के समय दिखाई देगा। इसके अलावा, अमावस्या और पूर्णिमा के कारण आसमान की रोशनी में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
उल्कापिंड
शनि और ड्रेकोनिड उल्कापिंड वर्षा
महीने की शुरुआत में ही रात के आसमान में खास घटनाएं देखने को मिलेंगी।
4 अक्टूबर को शनि अपनी उल्टी दिशा में पहुंचेगा और सूर्यास्त के बाद पूर्वी आसमान में नजर आएगा। दूरबीन से इसके वलय भी देखे जा सकते हैं।
6 अक्टूबर को घटता हुआ आधा चांद बृहस्पति के सामने से गुजरेगा। इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर की रात ड्रेकोनिड उल्कापिंड वर्षा अपने चरम पर होगी।
अमावस्या
अमावस्या के बाद बुध आएगा नजर
अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में भी आसमान देखने वालों के लिए कई मौके रहेंगे।
10 अक्टूबर को अमावस्या होगी, जिससे रात का आसमान ज्यादा अंधेरा रहेगा और तारों को देखना आसान हो सकता है। इसके बाद 12 अक्टूबर को बुध अपनी सबसे ज्यादा पूर्वी स्थिति में पहुंचेगा।
यह सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी क्षितिज के ऊपर दिखाई दे सकता है। इसे देखने के लिए खुले स्थान से पश्चिमी दिशा में नजर रखना बेहतर रहेगा।
उल्कापिंड वर्षा
ओरियोनिड उल्कापिंड वर्षा और शुक्र
महीने के तीसरे हफ्ते में एक और उल्कापिंड वर्षा देखने का मौका मिलेगा।
21 और 22 अक्टूबर को ओरियोनिड उल्कापिंड वर्षा अपने चरम पर होगी। यह मलबे के कारण दिखाई देती है और अंधेरे आसमान में हर घंटे 10 से 20 उल्कापिंड नजर आ सकते हैं।
हालांकि, इस बार चांद की रोशनी कुछ कमजोर उल्कापिंडों को देखने में परेशानी पैदा कर सकती है। 24 अक्टूबर को शुक्र पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरेगा।
अन्य
पूर्णिमा के साथ मिलेगा अंधेरे आसमान का मौका
अक्टूबर का आखिरी बड़ा खगोलीय नजारा 26 अक्टूबर को देखने को मिलेगा, जब पूर्णिमा होगी। इसे हंटर मून भी कहा जाता है।
भारत में पूर्णिमा 26 अक्टूबर की सुबह करीब 9:41 बजे होगी, इसलिए 25 और 26 अक्टूबर की रात चांद लगभग पूरा दिखाई देगा। वहीं, 8 से 12 अक्टूबर के आसपास अमावस्या के कारण आसमान अपेक्षाकृत अंधेरा रहेगा।
शहर से दूर खुले इलाकों में यह समय तारों और धुंधली खगोलीय वस्तुओं को देखने के लिए अच्छा रहेगा।