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4 ग्रहों की परेड: भारत में कब और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ दृश्य?
आकाश में बुध, मंगल, शनि और वरुण एक रेखा में नजर आएंगे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

4 ग्रहों की परेड: भारत में कब और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ दृश्य?

Apr 17, 2026
12:54 pm

क्या है खबर?

खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों को इस सप्ताह एक दुर्लभ अंतरिक्षीय नजारा देखने को मिलेगा। इस दौरान 4 ग्रह- बुध, मंगल, शनि और वरुण (नेपच्यून) आकाश में एक सीध में दिखाई देंगे। यह घटना 23 अप्रैल तक दिखाई देगी और इसे देखने का सबसे अच्छा समय 18 से 20 अप्रैल के बीच होगा यह सूर्योदय से पहले पूर्वी आकाश में दिखेगा। आइये जानते हैं यह नजारा भारत में कब और कैसे देखा जा सकता है।

दृश्यता 

कब और कैसे देखें यह घटना?

यह खगोलीय घटना एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगी। भारत में इस घटना को देखने का सबसे अच्छा समय 18-20 अप्रैल के बीच सूर्योदय से लगभग 30 मिनट पहले होगा। मौसम साफ होने पर यह नजारा सुबह लगभग 5 बजे से 5:45 बजे के बीच अच्छे से नजर आएगा। इसके लिए आपको पूर्वी दिशा की ओर खड़े होकर ऐसी जगह चुननी हाेगी, जो ऊंची इमारतों या लाइट्स से घिरी न हो।

दृश्य 

क्या दिखेगा आसमान में नजारा?

चारों ग्रह क्षितिज से अलग-अलग ऊंचाई पर एक पंक्ति में स्थित होंगे। बुध सबसे निकट होगा और 20 अप्रैल को इसकी दृश्यता बेहतर होती जाएगी। शनि इससे थोड़ा ऊपर हल्की पीली चमक के साथ दिखेगा। इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है, हालांकि दूरबीन से देखने पर दृश्य और बेहतर हो जाएगा। मंगल लाल-नारंगी रंग के कारण अधिक स्पष्ट दिखेगा और अधिक ऊंचाई पर होगा। नेपच्यून सबसे धुंधला ग्रह होगा और दूरबीन या टेलीस्कोप के बिना दिखाई नहीं देगा।

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संरेखण

क्या होता है संरेखण?

ग्रह एक रेखा (संरेखण) में तब आते हैं, जब पृथ्वी से देखने पर कई ग्रह आकाश के एक भाग में एकत्रित दिखते हैं। ऐसा लगता है कि वे एक-दूसरे के करीब हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। हकीकत में ये लाखों किलोमीटर दूर होते हैं। यह प्रभाव इसलिए उत्पन्न होता है, क्योंकि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा एक समान समतल पथ पर करते हैं। पृथ्वी से देखने पर इस साझा पथ के कारण वे सीधी रेखा में दिखते हैं।

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