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क्या है सिम बाइंडिंग, जिससे बदल सकता है व्हाट्सऐप चलाने का तरीका?
सिम बाइंडिंग से बदल सकता है व्हाट्सऐप चलाने का तरीका

क्या है सिम बाइंडिंग, जिससे बदल सकता है व्हाट्सऐप चलाने का तरीका?

Oct 22, 2026
05:17 pm

क्या है खबर?

व्हाट्सऐप और टेलीग्राम इस्तेमाल करने वालों के लिए सरकार के नए नियम अहम हो सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने इन मैसेजिंग ऐप को यूजर्स के खाते उनके पहचान सत्यापित सिम कार्ड से जोड़ने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था को सिम बाइंडिंग कहा जाता है। नियमों का पालन करने के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक का समय दिया गया है। इसका मकसद मोबाइल नंबर और उससे जुड़े अकाउंट्स के बीच संबंध मजबूत करना है।

सिम बाइंडिंग

क्या होती है सिम बाइंडिंग?

सिम बाइंडिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसमें मैसेजिंग ऐप का अकाउंट यूजर के रजिस्टर्ड सिम कार्ड से जुड़ा रहता है।

इससे यह जांचने में मदद मिलती है कि अकाउंट से जुड़ा मोबाइल नंबर सही है या नहीं। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी अकाउंट्स और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मैसेजिंग ऐप के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिल सकती है।

इस नियम से ऐप को सिम कार्ड की मौजूदगी और उससे जुड़े अकाउंट की जांच करनी पड़ सकती है।

असर

किन यूजर्स पर पड़ सकता है असर?

1 जनवरी से इस नियम का असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो फोन में रजिस्टर्ड सिम कार्ड लगाए बिना केवल वाई-फाई के जरिए व्हाट्सऐप चलाते हैं।

आईफोन और एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करने वालों को भी अपने डिवाइस की स्थिति देखनी पड़ सकती है। कई डिवाइस पर एक ही अकाउंट चलाने वाले और विदेश यात्रा करने वाले यूजर्स को भी परेशानी हो सकती है।

हालांकि, किस फोन पर क्या बदलाव होगा, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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अन्य

हर 6 घंटे में लॉगआउट का नियम वापस लिया गया

दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर, 2025 को इस संबंध में निर्देश जारी किया था।

शुरुआत में वेब पर चल रहे खातों को हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट करने का नियम था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। अब संदिग्ध धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई की व्यवस्था है।

व्हाट्सऐप और टेलीग्राम इस नियम के दायरे में हैं। हालांकि, यह पुष्टि नहीं हुई है कि 1 जनवरी से किसी खास फोन में व्हाट्सऐप चलना बंद हो जाएगा।

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