क्या है अमेजन का प्रोजेक्ट हुडिनी? डाटा सेंटर निर्माण में आएगा इससे तेजी
क्या है खबर?
अमेजन ने डाटा सेंटर बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए 'प्रोजेक्ट हुडिनी' नाम की नई पहल शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी कंस्ट्रक्शन के बड़े हिस्से को फैक्ट्री में शिफ्ट करने की योजना बना रही है। इससे बड़े सर्वर रूम पहले से तैयार मॉड्यूल के रूप में साइट पर लाए जाएंगे। इस कदम का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग को जल्दी पूरा करना और डाटा सेंटर बनाने के समय को काफी कम करना है।
लाभ
कम समय में तैयार होंगे डाटा सेंटर
अमेजन का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से डाटा सेंटर तैयार करने में लगने वाला समय काफी घट जाएगा। पहले जहां सर्वर इंस्टॉल करने में करीब 15 हफ्ते लगते थे, वहीं अब यह काम 2 से 3 हफ्तों में शुरू हो सकता है। इससे हजारों लेबर घंटों की बचत होगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एंडी जेस्सी ने भी कहा है कि अभी मांग ज्यादा है और क्षमता कम पड़ रही है, इसलिए तेजी जरूरी है।
समय
पुराने तरीके में ज्यादा समय और मेहनत
पारंपरिक तरीके से डाटा सेंटर बनाना कंपनी के लिए एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया होती है। इसमें रैक लगाना, वायरिंग करना और केबल बिछाना जैसे काम साइट पर ही किए जाते हैं। इस पूरे काम में करीब 60,000 से 80,000 लेबर घंटे लग सकते हैं। यही वजह है कि इस प्रक्रिया में समय ज्यादा लगता है और कई बार देरी भी होती है, जिससे कंपनी की योजनाओं पर असर पड़ता है।
मॉड्यूल
फैक्ट्री में बनेंगे तैयार मॉड्यूल
प्रोजेक्ट हुडिनी के तहत अमेजन बड़े-बड़े मॉड्यूल फैक्ट्री में तैयार करेगी, जिन्हें 'स्किड्स' कहा जाता है। इनमें पहले से रैक, वायरिंग, लाइटिंग और सुरक्षा सिस्टम लगे होंगे। इन मॉड्यूल को सीधे साइट पर लाकर जोड़ा जाएगा। इससे काम आसान होगा और गलतियां भी कम होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे लागत कम होगी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से तैयार किया जा सकेगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।