CES 2026 में एनवीडिया ने कौन से बड़े ऐलान किए हैं?
क्या है खबर?
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (CES) 2026 में चिप निर्माता दिग्गज एनवीडिया ने कई बड़ी-बड़ी घोषणाएं की हैं। कंपनी ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ग्राफिक्स और डिस्प्ले तकनीक को और बेहतर बनाने पर जोर दिया है। इन घोषणाओं में DLSS 4.5, नए G-SYNC पल्सर मॉनिटर और लोकल AI वीडियो जेनरेशन से जुड़े अपडेट शामिल हैं। एनवीडिया का फोकस गेमिंग, क्रिएटिव काम और हाई-परफॉर्मेंस विज़ुअल एक्सपीरियंस को अगले स्तर तक ले जाने पर है।
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DLSS 4.5 से गेमिंग होगा ज्यादा स्मूथ
एनवीडिया ने DLSS 4.5 को आधिकारिक तौर पर पेश किया है, जो AI-पावर्ड रेंडरिंग टेक्नोलॉजी का एक नया वर्जन है। इसमें सेकंड जेनरेशन ट्रांसफॉर्मर मॉडल दिया गया है, जिससे लाइटिंग ज्यादा सटीक होती है और किनारे ज्यादा साफ दिखते हैं। यह घोस्टिंग को भी कम करता है। नया वर्जन डायनामिक मल्टी फ्रेम जेनरेशन सपोर्ट करता है, जिससे कम्पैटिबल RTX GPU पर 6 गुना तक फ्रेम जेनरेशन संभव हो पाती है।
#2
हाई रिफ्रेश डिस्प्ले के लिए खास सुधार
DLSS 4.5 को खास तौर पर हाई रिफ्रेश रेट मॉनिटर के लिए बेहतर बनाया गया है। यह सिस्टम डिस्प्ले के रिफ्रेश रेट के अनुसार फ्रेम जेनरेशन को अपने आप एडजस्ट करता है। इससे तेज और प्रतिस्पर्धी गेम्स में मूवमेंट ज्यादा स्मूथ दिखती है और स्टटर कम होता है। एनवीडिया के मुताबिक, यह फीचर खासकर ई-स्पोर्ट्स और फास्ट-पेस्ड गेमिंग करने वाले यूजर्स के लिए बड़ा अपग्रेड साबित हो सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
#3
नए G-SYNC पल्सर मॉनिटर लॉन्च
एनवीडिया ने G-SYNC पल्सर गेमिंग मॉनिटर की भी घोषणा की है। ये मॉनिटर वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ 1,000Hz से ज्यादा की इफेक्टिव मोशन क्लैरिटी देने में सक्षम हैं। शुरुआती मॉडल एसर, असुस, AOC और MSI के 27 इंच QHD डिस्प्ले हैं, जिनका रिफ्रेश रेट 360Hz है। इनमें एम्बिएंट एडैप्टिव टेक्नोलॉजी भी दी गई है, जो कमरे की रोशनी के अनुसार स्क्रीन सेट करती है, जिससे आंखों पर कम असर पड़ता है।
#4
लोकल AI वीडियो जेनरेशन में बड़ी तेजी
एनवीडिया ने RTX GPU के जरिए लोकल AI वीडियो जेनरेशन को तेज करने वाले नए अपडेट भी दिखाए हैं। अब बिना क्लाउड के 4K रेजोल्यूशन में AI वीडियो बनाना संभव होगा। ComfyUI और LTX जैसे टूल बेहतर VRAM इस्तेमाल के साथ तीन गुना तेज काम करेंगे। इन अपडेट्स से कंटेंट क्रिएटर्स को वीडियो अपस्केलिंग, कीफ्रेम और रियल टाइम कंट्रोल में काफी आसानी मिलेगी, जिससे प्रोफेशनल क्वालिटी आउटपुट मिलेगा और समय की भी बचत होगी।