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12 अगस्त को आसमान में होगा अद्भुत संयोग, एक ही दिन दिखेंगी 3 खगोलीय घटनाएं
12 अगस्त को दिखेगा आसमान का दुर्लभ नजारा

12 अगस्त को आसमान में होगा अद्भुत संयोग, एक ही दिन दिखेंगी 3 खगोलीय घटनाएं

Aug 05, 2026
05:11 pm

क्या है खबर?

खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अगस्त के यह महीना काफी खास है। 12 अगस्त को आसमान में एक साथ तीन बड़ी खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। अमावस्या, आंशिक सूर्य ग्रहण और पर्सिड उल्कावर्षा का चरम एक ही दिन पड़ रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिलता है। इस कारण दुनियाभर के खगोल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और आसमान देखने के शौकीनों की नजर इस खास दिन पर टिकी हुई है।

#1

एक ही दिन दिखेंगी तीन बड़ी खगोलीय घटनाएं

12 अगस्त को सबसे पहले अमावस्या होगी, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच रहेगा। इसके कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देगा।

इसी दिन कुछ देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण भी दिखाई देगा। यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी यूरोप, उत्तरी रूस और आर्कटिक के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा।

ग्रहण के दौरान बिना प्रमाणित सुरक्षा चश्मे के सीधे सूर्य को देखना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

#2

रात में होगी पर्सिड उल्कावर्षा की बारिश

12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह तक पर्सिड उल्कावर्षा अपने चरम पर होगी।

इस दौरान साफ और अंधेरे आसमान में हर घंटे करीब 50 से 100 उल्काएं दिखाई दे सकती हैं। ये उल्काएं लगभग 59 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेंगी।

यह नजारा हर साल पृथ्वी के स्विफ्ट-टटल धूमकेतु के छोड़े गए मलबे से गुजरने के कारण दिखाई देता है। मौसम साफ रहने पर दृश्य और बेहतर नजर आएगा।

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#3

वैज्ञानिकों के लिए भी रहेगा खास मौका

वैज्ञानिकों का कहना है कि अमावस्या होने से आसमान पूरी तरह अंधेरा रहेगा, जिससे पर्सिड उल्कावर्षा को देखना और आसान होगा।

चंद्रमा की रोशनी नहीं होने से हल्की उल्काएं भी साफ दिखाई देंगी। इससे शोधकर्ताओं को बेहतर अध्ययन करने का मौका मिलेगा।

एक ही दिन तीन अलग-अलग खगोलीय घटनाओं का संयोग खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए बेहद खास और यादगार अनुभव साबित हो सकता है। इससे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां भी जुटाई जा सकेंगी।

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