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2026 में चंद्रमा के लिए ये निजी मिशन होने वाले हैं लॉन्च, आप भी जानिए
2026 में कई निजी मिशन लॉन्च होने वाले हैं

2026 में चंद्रमा के लिए ये निजी मिशन होने वाले हैं लॉन्च, आप भी जानिए

Jan 06, 2026
05:36 pm

क्या है खबर?

अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 2026 काफी खास रहने वाला है, क्योंकि इस साल कई महत्वपूर्ण मिशन लॉन्च किए जाने हैं। इनमें नासा और ISRO जैसी बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ-साथ कई निजी कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। इस साल प्रमुख तौर पर चंद्रमा के लिए निजी कंपनियों द्वारा कई मिशन लॉन्च किए जाएंगे। इन मिशनों का मकसद वैज्ञानिक शोध, नई तकनीक की जांच और भविष्य के मानव मिशनों की तैयारी करना है। इससे चंद्रमा की गतिविधियां काफी तेज होने वाली हैं।

ब्लू ओरिजिन

ब्लू ओरिजिन का साउथ पोल मिशन 

ब्लू ओरिजिन साल 2026 में चंद्रमा के साउथ पोल पर मिशन भेजने की तैयारी कर रही है। कंपनी न्यू ग्लेन रॉकेट से ब्लू मून मार्क-1 लैंडर लॉन्च करेगी। इस मिशन में नासा का पेलोड शामिल होगा, जो चंद्रमा की धूल और सतह का अध्ययन करेगा। साउथ पोल को इसलिए अहम माना जाता है, क्योंकि यहां पानी की बर्फ होने की संभावना है। यह मिशन भविष्य के इंसानों और कार्गो मिशनों के लिए जरूरी तकनीक की जांच भी करेगा।

फायरफ्लाई एयरोस्पेस

फायरफ्लाई एयरोस्पेस का दूरस्थ चंद्र मिशन

फायरफ्लाई एयरोस्पेस भी 2026 में चंद्रमा के दूर वाले हिस्से पर लैंडिंग की योजना बना रही है। कंपनी का ब्लू घोस्ट M-2 मिशन फाल्कन-9 रॉकेट से लॉन्च होगा। यह मिशन चंद्रमा के उस हिस्से पर उतरेगा, जहां अब तक बहुत कम अध्ययन हुआ है। इसमें अंतरराष्ट्रीय पेलोड शामिल होंगे, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का राशिद रोवर-2 भी है। इस मिशन से चंद्रमा की बनावट और संसाधनों को लेकर नई जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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ग्रिफिन-1

एस्ट्रोबोटिक का ग्रिफिन-1 मिशन 

एस्ट्रोबोटिक भी निजी कंपनियों की इस चंद्र रेस में शामिल है। कंपनी ग्रिफिन-1 लैंडर को 2026 के मध्य तक फाल्कन हेवी रॉकेट से लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह मिशन भी चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंड करेगा। इसमें छोटे रोवर और कई वैज्ञानिक उपकरण शामिल होंगे। यह मिशन दिखाता है कि निजी कंपनियां अब जटिल चंद्र मिशन करने में सक्षम हो रही हैं और भविष्य के लिए जरूरी डेटा जुटा सकती हैं।

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खासियत

2026 क्यों बन सकता है गेम-चेंजर साल?

अब तक चंद्र मिशन ज्यादातर सरकारी एजेंसियों तक सीमित थे, लेकिन 2026 में यह तस्वीर बदलती नजर आएगी। एक ही साल में कई निजी लैंडिंग चंद्रमा की खोज को नई दिशा दे सकती हैं। ये मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए जमीन तैयार करेंगे। निजी कंपनियां लैंडिंग और नेविगेशन तकनीक को परखेंगी, जिससे भविष्य में इंसानी मिशन आसान होंगे। इससे लागत कम होगी और चंद्रमा पर पहुंचने की रफ्तार तेज होगी।

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