'चोरी के डर से क्या सभी मॉल बंद कर देंगे?' टेलीग्राम ने प्रतिबंध पर उठाए सवाल
क्या है खबर?
टेलीग्राम ने NEET (UG) 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले भारत सरकार की ओर से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का विरोध किया है। सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम की कुछ सेवाओं पर रोक लगाई है। टेलीग्राम का कहना है कि इस फैसले का असर लाखों ऐसे यूजर्स पर पड़ेगा, जिनका कथित पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी किसी गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने इसे सामान्य यूजर्स के लिए अनुचित कदम बताया है।
सवाल
मॉल और सड़कों का उदाहरण देकर उठाए सवाल
टेलीग्राम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "अगर किसी शॉपिंग मॉल में चोरी हो सकती है, तो क्या सभी मॉल बंद कर दिए जाने चाहिए? और अगर कोई तेज गाड़ी चला रहा है, तो क्या सभी सड़कें भी बंद कर देनी चाहिए?" कंपनी ने कहा कि कुछ लोगों की कथित गलतियों के कारण पूरे प्लेटफॉर्म और उसके सभी यूजर्स को प्रभावित करना सही तरीका नहीं है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
You should also shut down all the shopping malls since there might be a theft in one of them. And close the roads because I heard someone was speeding.
— Telegram Messenger (@telegram) June 16, 2026
बयान
डुरोव बोले- 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को मिली सजा
टेलीग्राम CEO पावेल डुरोव ने फैसले का विरोध करते हुए एक्स पोस्ट में कहा, 'भारत की IT मिनिस्ट्री ने कुछ यूजर्स द्वारा कथित तौर पर लीक प्रश्न साझा करने के कारण टेलीग्राम पर एक हफ्ते का प्रतिबंध लगा दिया। इससे भारत के 15 करोड़ से ज्यादा सामान्य यूजर्स प्रभावित हुए हैं, न कि वे लोग जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा सामग्री लीक की।' उनका कहना है कि इस फैसले से गलत लोगों के बजाय आम यूजर्स को परेशानी हुई है।
सरकार
सरकार ने परीक्षा सुरक्षा के लिए बताया जरूरी कदम
केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का कहना है कि कुछ संगठित समूह टेलीग्राम के जरिए कथित पेपर लीक और फर्जी दावे फैलाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर रहे थे। सरकार के अनुसार, 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, टेलीग्राम को 30 जून तक भारत में अपना मैसेज एडिटिंग फीचर भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है।