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देशभर में 10,000 किलोमीटर का AI नेटवर्क बनाएगी टाटा कम्युनिकेशंस, 4,350 करोड़ रुपये होंगे खर्च
देशभर में 10,000 किलोमीटर का AI नेटवर्क बनाएगी टाटा कम्युनिकेशंस

देशभर में 10,000 किलोमीटर का AI नेटवर्क बनाएगी टाटा कम्युनिकेशंस, 4,350 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Oct 26, 2026
07:10 pm

क्या है खबर?

टाटा कम्युनिकेशंस देशभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार करने पर 4,350 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इसके तहत करीब 10,000 किलोमीटर लंबा नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जो डाटा सेंटर और AI केंद्रों को आपस में जोड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, इस परियोजना को वित्त वर्ष 2030 से 2036 के बीच 3 चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए पैसा कंपनी अपने कारोबार से होने वाली कमाई से जुटाएगी।

शहर

मुंबई से चेन्नई तक पहले चरण में बनेगा नेटवर्क

इस परियोजना के पहले चरण में मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई के बीच नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

कंपनी को उम्मीद है कि अगले 3 वर्षों में यह चरण चालू हो जाएगा। इसके बाद नेटवर्क का विस्तार पूर्वी और पश्चिमी भारत के दूसरे डाटा सेंटर केंद्रों तक किया जाएगा। इनमें विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, जामनगर और गिफ्ट सिटी शामिल हैं।

इस नेटवर्क से बड़े डाटा सेंटर और AI केंद्रों के बीच तेज और भरोसेमंद कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

फायदा

AI कंपनियों और डाटा सेंटर को मिलेगा फायदा

टाटा कम्युनिकेशंस के अधिकारी रूपेश चोकशी के मुताबिक, AI से जुड़े कामों के लिए तेज इंटरनेट के साथ कम देरी वाला और भरोसेमंद नेटवर्क जरूरी है।

कंपनी का नया नेटवर्क बड़ी क्लाउड कंपनियों, AI प्लेटफॉर्म और दूसरे कारोबारों की जरूरतों को पूरा करेगा। कंपनी अपने डाटा सेंटर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल के केंद्रों से जोड़ने की भी योजना बना रही है।

इससे भारत के डाटा सेंटर और दुनिया के दूसरे बाजारों के बीच संपर्क बेहतर हो सकेगा।

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अन्य

भारत में डाटा सेंटर की बढ़ती मांग पर नजर

भारत में डाटा सेंटर की संख्या और क्षमता तेजी से बढ़ रही है।

कुशमैन एंड वेकफील्ड के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में देश की चालू डाटा सेंटर क्षमता करीब 1.8 गीगावाट तक पहुंच गई थी। वहीं, 2030 तक अतिरिक्त 3.86 गीगावाट क्षमता जोड़ने की तैयारी चल रही है।

टाटा कम्युनिकेशंस अपने मौजूदा वैश्विक नेटवर्क का इस्तेमाल करके इस बढ़ती जरूरत को पूरा करना चाहती है और AI कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

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