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टाटा की चिप फैक्ट्री में पहले बनेंगी 90nm चिप्स, 28nm का इंतजार अभी बाकी
टाटा की चिप फैक्ट्री में पहले बनेंगी 90nm चिप्स

टाटा की चिप फैक्ट्री में पहले बनेंगी 90nm चिप्स, 28nm का इंतजार अभी बाकी

Jul 17, 2026
06:16 pm

क्या है खबर?

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में बन रहे अपने सेमीकंडक्टर प्लांट में पहले 90nm तकनीक वाली चिप्स का उत्पादन शुरू कर सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी पहले 28nm तकनीक से शुरुआत करने की योजना में बदलाव कर रही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि 28nm तकनीक अब भी उसकी लंबी अवधि की योजना का हिस्सा बनी हुई है और भविष्य में इस पर भी उत्पादन शुरू किया जाएगा।

इस्तेमाल

पहले बनेंगी इन कामों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स

रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दौर में बनने वाली 90nm चिप्स का इस्तेमाल कारों, औद्योगिक मशीनों, पावर मैनेजमेंट सिस्टम, सेंसर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाएगा।

यह तकनीक नई नहीं है, लेकिन आज भी कई उद्योगों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती है।

कंपनी पहले इसी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दे सकती है और बाद में अधिक आधुनिक चिप्स बनाएगी, जिससे उत्पादन का अनुभव भी लगातार मजबूत होता जाएगा।

अंतर

90nm और 28nm में क्या है अंतर?

90nm और 28nm दोनों ही चिप बनाने की अलग-अलग तकनीक हैं।

कम नैनोमीटर वाली चिप अधिक आधुनिक, तेज और कम बिजली खर्च करने वाली मानी जाती है। 28nm तकनीक का इस्तेमाल स्मार्टफोन, संचार उपकरण और कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में होता है।

वहीं 90nm तकनीक पुरानी होने के बावजूद कई जरूरी उपकरणों और वाहनों में आज भी भरोसे के साथ इस्तेमाल की जाती है और इसकी मांग कई उद्योगों में लगातार बनी हुई है।

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अन्य

बाद में बढ़ेगा आधुनिक तकनीक की ओर कदम

कंपनी ने साफ किया है कि उसका लक्ष्य 55nm, 90nm और 28nm सहित कई तकनीकों पर चिप्स बनाना है।

शुरुआत पुरानी और अच्छी तरह परखी जा चुकी तकनीक से की जाएगी, जिसके बाद धीरे-धीरे अधिक आधुनिक 28nm तकनीक की ओर बढ़ा जाएगा।

माना जा रहा है कि इससे उत्पादन प्रक्रिया को स्थिर बनाने और भविष्य में उन्नत चिप निर्माण की तैयारी मजबूत करने में मदद मिलेगी, साथ ही नई तकनीक अपनाना भी आसान होगा।

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