ISRO के कमर्शियल SAR कॉन्ट्रैक्ट में सुहोरा बनी अकेली दावेदार
क्या है खबर?
नोएडा की जियोस्पेशियल स्टार्टअप सुहोरा टेक्नोलॉजीज, ISRO की कमर्शियल शाखा NSIL के एक बड़े टेंडर में सबसे आगे पहुंच गई है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी जांच के दौरान बाकी सभी कंपनियों की बोलियां खारिज हो गईं, जबकि सुहोरा अकेली कंपनी रही जो वित्तीय चरण तक पहुंची। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 6.75 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। हालांकि, अंतिम कॉन्ट्रैक्ट मिलने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मांग
टेंडर में किस काम की मांग की गई
NSIL ने 27 मई को यह टेंडर जारी किया था। इसके तहत एक अज्ञात ग्राहक के लिए हाई-रेजोल्यूशन सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) इमेज और उनसे जुड़ी एनोटेशन सर्विस उपलब्ध करानी है। चुनी गई कंपनी को 0.5 मीटर रेजोल्यूशन वाली इमेज, समय-समय पर लिए गए SAR डाटा और इमेज में दिखाई देने वाली वस्तुओं की पहचान करके उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार करना होगा। साथ ही तय तकनीकी मानकों के अनुसार पूरी सेवा समय पर उपलब्ध करानी होगी।
तकनीक
SAR तकनीक क्यों होती है खास?
SAR तकनीक माइक्रोवेव सिग्नल की मदद से हर मौसम और दिन-रात में भी जमीन की साफ तस्वीरें लेने में सक्षम होती है। अलग-अलग समय पर ली गई तस्वीरों की तुलना करके जमीन में बहुत छोटे बदलाव भी पहचाने जा सकते हैं। इसका उपयोग भूकंप, जमीन धंसने जैसी घटनाओं की निगरानी में किया जाता है। वहीं, वेक्टर एनोटेशन की मदद से तस्वीरों में मौजूद अलग-अलग वस्तुओं को पहचानना और सॉफ्टवेयर के लिए समझना आसान हो जाता है।
अंतिम ग्राहक
अंतिम ग्राहक का नाम अब भी गोपनीय
यह टेंडर केवल IN-SPACe से अधिकृत कंपनियों के लिए खुला था। NSIL ने बताया कि खरीद एक ग्राहक की ओर से की जा रही है, लेकिन उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। दस्तावेजों के अनुसार, एनोटेशन का कुछ काम बेंगलुरु में ग्राहक के परिसर में होगा। यह साफ़ नहीं है कि वित्तीय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या कंपनी को आधिकारिक रूप से ठेका दिया गया है। इस संबंध में अंतिम फैसला और औपचारिक घोषणा का अभी इंतजार है।