स्पेस-X 3 और अंतरिक्ष यात्री मिशन भेजेगी ISS, नासा ने किया अनुबंध
क्या है खबर?
नासा ने बताया कि उसने स्पेस-X को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) तक 3 और अंतरिक्ष यात्री मिशन भेजने के लिए 94.60 करोड़ डॉलर (करीब 8,900 करोड़ रुपये) का अनुबंध दिया है। इससे स्टेशन तक कंपनी की क्रू वाली उड़ानों का समय 2030 तक बढ़ गया है। इस सौदे के साथ नासा के लिए कंपनी की कुल अंतरिक्ष यात्री उड़ानों की संख्या 17 हो गई है और अनुबंध की कुल कीमत बढ़कर 5.92 अरब डॉलर (करीब 550 अरब रुपये) हो गई।
अनुबंध
क्या है इस अनुबंध में शामिल काम?
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ISS तक अंतरिक्ष यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए काफी हद तक स्पेस-X पर निर्भर है। वह बोइंग के जरिए एक दूसरा विकल्प बनाए रखने पर भी काम कर रही है।
इस अनुबंध में अंतरिक्ष यात्रियों और स्पेसक्राफ्ट को तैयार करना, लॉन्च करना, अंतरिक्ष में मिशन चलाना, क्रू को वापस लाना और कैप्सूल को रिकवर करना शामिल है।
जरूरी सामान ले जाना और स्पेसक्राफ्ट को स्टेशन पर इमरजेंसी एस्केप व्हीकल के तौर पर रखना भी है।
प्राथमिकता
स्पेस-X को मिल रही प्राथमिकता
एजेंसी ने 2014 में अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन तक ले जाने में सक्षम अंतरिक्ष यान विकसित करने के लिए स्पेस-X और बोइंग को चुना।
बोइंग के स्टारलाइनर को 2024 की क्रू वाली टेस्ट उड़ान के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कैप्सूल को खाली वापस लाना पड़ा।
इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स को स्पेस-X ड्रैगन से वापस लाया गया। तब से यह स्टेशन पर क्रू बदलने के लिए मुख्य प्रोवाइडर बन गई।