इस महीने स्टारशिप की अगली उड़ान, स्पेस-X पहली बार करेगी ऑर्बिट में भेजने की कोशिश
क्या है खबर?
एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेस-X इस महीने अपने स्टारशिप रॉकेट का एक और परीक्षण करने जा रही है। कंपनी की तरफ से अभी लॉन्च तारीख और समय को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस परीक्षण को स्टारशिप के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पहली बार स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए स्टारशिप के नए वर्जन का इस्तेमाल किया जाएगा।
योजना
कक्षा में भेजकर सैटेलाइट छोड़ने की योजना
फ्लाइट 14 में बूस्टर1 21 सुपर हैवी रॉकेट का पहला हिस्सा और शिप 41 ऊपरी हिस्सा होगा।
योजना के मुताबिक, स्टारशिप को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाया जाएगा और वहां स्टारलिंक सैटेलाइट छोड़े जाएंगे। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट को नियंत्रित तरीके से वापस लाने की कोशिश होगी।
अगर यह काम सफल रहता है तो स्टारशिप पहली बार कक्षा में पेलोड पहुंचाने की क्षमता दिखाएगा। यह स्पेस-X के लिए आगे की बड़ी उड़ानों की तैयारी में अहम कदम होगा।
टेस्ट
लॉन्च से पहले किए गए इंजन टेस्ट
फ्लाइट 14 से पहले स्टारशिप के दोनों हिस्सों के इंजन टेस्ट पूरे किए जा चुके हैं।
शिप 41 ने 19 अगस्त को एक इंजन की फायरिंग का टेस्ट किया था। इसके दो दिन बाद उसके सभी छह रैप्टर इंजन को एक साथ 60 सेकंड तक चलाया गया। इसके बाद 28 अगस्त को बूस्टर 21 के सभी 33 रैप्टर इंजनों का पूरा स्टैटिक फायर टेस्ट किया गया।
इनका मकसद उड़ान से पहले रॉकेट के इंजन की जांच करना था।
उड़ान
पिछली उड़ान में मिली थी सफलता
फ्लाइट 14 से पहले फ्लाइट 13 में भी स्टारशिप ने कई अहम काम किए थे।
24 जुलाई को हुई इस उड़ान में शिप 40 ने 20 स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े थे। इसके अलावा, उसने अंतरिक्ष में रैप्टर इंजन दोबारा चालू करने की क्षमता दिखाई। बाद में शिप 40 ने हिंद महासागर में नियंत्रित लैंडिंग की।
हालांकि, बूस्टर 20 की लैंडिंग के दौरान कई इंजन दोबारा शुरू नहीं हो सके और वह मेक्सिको की खाड़ी में गिर गया।