स्पेस-X IPO के बाद कल पहली बार स्टारशिप रॉकेट करेगी लॉन्च
क्या है खबर?
एलन मस्क की कंपनी स्पेस-X शुक्रवार को अपने विशाल स्टारशिप रॉकेट की नई परीक्षण उड़ान करने जा रही है। यह जून में कंपनी के IPO के बाद स्टारशिप की पहली बड़ी टेस्ट फ्लाइट होगी। यह स्टारशिप के वर्जन-3 की दूसरी उड़ान भी है, जिसे कंपनी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस मिशन में अपग्रेड किए गए स्टारलिंक सैटेलाइट भी भेजे जाएंगे, जिन्हें परीक्षण पूरा होने के बाद पृथ्वी के वातावरण में जला दिया जाएगा।
आधार
भविष्य की कई योजनाओं का है आधार
स्टारशिप को पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल करने लायक रॉकेट बनाया जा रहा है।
इसका इस्तेमाल स्टारलिंक नेटवर्क बढ़ाने, अंतरिक्ष में बड़े डाटा सेंटर बनाने और भविष्य में इंसानों को चंद्रमा तथा मंगल ग्रह तक भेजने की योजना में किया जाएगा।
कंपनी इस परियोजना पर अब तक 15 अरब डॉलर (लगभग 1,400 अरब रुपये) से अधिक खर्च कर चुकी है। स्पेस-X का लक्ष्य आने वाले समय में इसे नियमित, सुरक्षित और कम लागत वाली अंतरिक्ष उड़ानों के लिए तैयार करना है।
सबक
पहले परीक्षणों से मिले थे अहम सबक
मई में हुई पिछली परीक्षण उड़ान के दौरान स्टारशिप रॉकेट ने परीक्षण सैटेलाइट सफलतापूर्वक छोड़े थे, लेकिन बूस्टर में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई थीं।
एक इंजन समय से पहले बंद हो गया था और बूस्टर नियंत्रण से बाहर हो गया था। इसके बाद कंपनी ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में कई सुधार किए हैं।
इस बार इन बदलावों की सफलता और रॉकेट के प्रदर्शन पर दुनिया की खास नजर रहेगी।
परीक्षण
मिशन में पूरे किए जाएंगे कई परीक्षण
उड़ान के दौरान सुपर हेवी बूस्टर स्टारशिप रॉकेट को तेजी से अंतरिक्ष की ओर भेजेगा और बाद में वापस समुद्र में उतरने की कोशिश करेगा।
वहीं, स्टारशिप एस दौरान अंतरिक्ष में इंजन दोबारा चालू करने, 20 स्टारलिंक सैटेलाइट तैनात करने और कई तकनीकी परीक्षण पूरे करेगा।
परीक्षण समाप्त होने के बाद सैटेलाइट वातावरण में जल जाएंगे, जबकि स्टारशिप की हिंद महासागर में नियंत्रित लैंडिंग कराने की योजना बनाई गई है।